आज विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस (26 नवंबर) है.. पर्यावरण के संवर्धन और संरक्षण के प्रति हमारे उदासीन और लापवाह रवैये का ही परिणाम है कि हमारी धरती का पर्यावरण तेजी से बदल रहा है। तेजी से हो रही खनन गतिविधियों, तेजी से कटते और कम होते जंगल, पानी का अंधाधुंध दोहन और बर्बादी, ग्लोबल वार्मिंग, हमारी बदलती जीवन शैली, तेजी से बढ़ती आबादी, तेजी घटता भू जल स्तर और वाहनों से होंने वाला प्रदूषण के कारण हो रहा है.
हम हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के तौर पर मनाया जाता है और 26 नवम्बर को विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस रुप में मनाते हैं. यह दिवस पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने एवं लोगों को जागरूक करने के सन्दर्भ में सकारात्मक कदम उठाने के लिए मनाते हैं। हमें पर्यावरण के प्रति ऐसी सकारात्मक पहल करने की जरुरत है जिससे हम आने वाली पीढियों को स्वच्छ, स्वस्थ और संरक्षित पर्यावरण दे सकें. यह तभी मुमकिन है जब हम पर्यावरण के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएंगे.
आइए हम सब सघन वृक्षारोपण कर, पानी की बर्बादी को बंद कर, जल संवर्धन के माध्यम से घटते भू जल स्तर में सुधार लाकर,वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने का संकल्प लेकर पर्यावरण के संवर्धन और संरक्षण करें.
IBC24 अर्जुन सिंह