गोवा मंत्रिमंडल ने ‘म्हाजो फ्लैट’ योजना को मंजूरी दी, फ्लैट मालिकों को मिलेगा मालिकाना हक

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गोवा मंत्रिमंडल ने ‘म्हाजो फ्लैट’ योजना को मंजूरी दी, फ्लैट मालिकों को मिलेगा मालिकाना हक

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 04:46 PM IST

पणजी, एक जुलाई (भाषा) गोवा मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘म्हाजो फ्लैट’ योजना को मंजूरी दे दी जिसका उद्देश्य उन हजारों फ्लैट मालिकों को मालिकाना हक देना है जो बिल्डर और जमीन मालिकों के बीच विवाद या डेवलपर के परियोजना बीच में ही छोड़ देने की वजह से कानूनी हक हासिल नहीं कर पाये थे।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने संवाददाताओं से कहा कि इस योजना से उन लोगों को फायदा होगा जिन्होंने दशकों पहले फ्लैट खरीदे थे और जिनके पास अभी भी सिर्फ समझौता आधारित अधिकार है।

उन्होंने कहा कि इससे राज्य भर में पुरानी आवासीय इमारतों के पुनर्विकास में भी आसानी होगी।

सावंत ने कहा कि इस योजना में ‘एकतरफा माने गये मालिकाना हक के हस्तांतरण’ की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कोऑपरेटिव सोसाइटी अधिनियम, भारतीय स्टाम्प अधिनियम और राजस्व विभाग के तहत संबंधित प्रावधानों में तालमेल बिठाते हुए संशोधन करना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कई लोगों ने 30 से 40 साल पहले फ्लैट खरीदे थे, लेकिन उनके पास अभी भी मालिकाना हक नहीं है क्योंकि बिल्डर स्वामित्व हस्तांतरण विलेख निष्पादित करने में विफल रहा, जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट नहीं था, या डेवलपर और जमीन मालिक के बीच विवाद हो गए।’’

इस योजना के तहत, फ्लैट के मालिक एक कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी बना सकते हैं। इस सोसाइटी को जमीन का मालिकाना हक हासिल करने का अधिकार होगा, भले ही डेवलपर मौजूद न हो या बिल्डर और जमीन के मालिक के बीच कोई विवाद चल रहा हो।

सावंत ने कहा कि कोऑपरेटिव विभाग इस प्रक्रिया में मदद करेगा और उन मामलों में दखल देगा जहां विवाद की वजह से मालिकाना हक हस्तांतरित नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह जमीन सहकारी आवास समिति के नाम पर हस्तांतरित की जाएगी, जिससे निवासियों को पुरानी इमारतों का पुनर्विकास करने में सुविधा होगी।’’

उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से लंबे समय से लंबित मालिकाना हक के मुद्दों का समाधान होगा और पूरे गोवा में कई पुराने अपार्टमेंट परिसर के पुनर्विकास का रास्ता साफ होगा।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश