पणजी, 13 जून (भाषा) गोवा सरकार द्वारा नियुक्त जीवनरक्षक एजेंसी ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से मानसून के दौरान समुद्र में न जाने की अपील की।
एजेंसी ने कहा कि इस मौसम में स्थिति कभी भी अचानक बदल सकती है और हालात खतरनाक हो सकते हैं।
‘दृष्टि मरीन’ जीवनरक्षक एजेंसी ने शुक्रवार को जारी एक परामर्श में कहा कि मानसून के दौरान समुद्र में तैराकी और तटीय जल क्रीड़ा गतिविधियों पर रोक है। पर्यटकों की सहायता और आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए राज्य के 54 समुद्र तटों पर 450 से अधिक प्रशिक्षित जीवन रक्षकों और बीच मार्शल तैनात किए गए हैं।
इनमें दक्षिण गोवा के 30 और उत्तर गोवा के 24 समुद्र तट शामिल हैं।
बयान में बताया गया कि समुद्र तटों के अलावा मायेम झील, दूधसागर जलप्रपात, सवरी जलप्रपात और म्होवाचो गुनो में भी जीवन रक्षक तैनात किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, लोगों को पानी में उतरने से रोकने और खतरे के प्रति आगाह करने के लिए गोवा के विभिन्न समुद्र तटों पर लाल झंडे लगाए गए हैं।
‘दृष्टि मरीन’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नवीन अवस्थी ने बताया, “मानसून के दौरान समुद्र एक पल शांत दिखाई दे सकता है और अगले ही पल खतरनाक हो सकता है। तेज धाराएं, ऊंची लहरें और तेजी से बदलता मौसम सामान्य से दिखते पानी को भी असुरक्षित बना देता है।”
उन्होंने कहा कि सबसे सुरक्षित विकल्प यही है कि लोग पानी में जाने से बचें और समुद्र तटों पर जारी सभी सुरक्षा सलाहों का पालन करें।
भाषा जितेंद्र रंजन
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