कानपुर/बलिया (उप्र), 13 जून (भाषा) अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को निशाना बनाकर कृत्रिम मेधा (एआई) निर्मित कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख के नेताओं ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक विमर्श का स्तर गिराने का आरोप लगाया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी ने उस पहले पुलिसकर्मी को 1.11 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की, जो ‘‘आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी सार्वजनिक रूप से परेड कराएगा।’’
कानपुर कैंट विधानसभा क्षेत्र से विधायक रूमी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता सभी सीमाएं पार कर चुकी है और अब नेताओं के परिवारों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब गेंद भाजपा के पाले में है। जिसने भी यह एआई से तैयार पोस्ट बनाया और प्रसारित किया है, उसे इस शर्मनाक कृत्य के लिए कड़ी कार्रवाई और सार्वजनिक निंदा का सामना करना चाहिए।’’
रूमी ने साइबर अपराध संबंधी कानूनों को और सख्त बनाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सात वर्ष से कम सजा वाले मामलों में आरोपी अक्सर तत्काल गिरफ्तारी से बच निकलते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘साइबर अपराध कानूनों को अधिक सख्त और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।’’
रूमी ने तस्वीरों से छेड़छाड़ करने और अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने के लिए एआई के कथित दुरुपयोग को ‘‘बेहद निंदनीय’’ बताया।
आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत का समर्थन करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों को कभी भी परिवार के सदस्यों तक नहीं ले जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन परिवारों और बच्चों को इसमें घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।’’
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया मंचों पर अदिति यादव को निशाना बनाते हुए कथित रूप से आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट प्रसारित किए गए।
प्रवीण यादव की शिकायत पर कानपुर अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार को भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) विपिन टाडा ने बताया कि अदिति यादव की छवि धूमिल करने और सपा प्रमुख के परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कथित तौर पर मनगढ़ंत एवं अपमानजनक सामग्री ऑनलाइन प्रसारित किए जाने के आरोप में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सपा नेताओं ने पोस्ट तैयार करने और उसे प्रसारित करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच, बलिया जिले में भी अदिति यादव के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस के अनुसार, यह मामला सपा की रसड़ा इकाई के अध्यक्ष रवींद्र यादव की शिकायत पर रसड़ा कोतवाली में दर्ज किया गया। शिकायत गोरखपुर नाथ जायसवाल और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कराई गई है।
शिकायत के अनुसार, पिछले दो दिन के दौरान फेसबुक पर अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक टिप्पणियां पोस्ट साझा की गई थीं। आरोप है कि इनका उद्देश्य सपा प्रमुख और उनके परिवार की सामाजिक एवं राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना था।
रसड़ा के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आलोक गुप्ता ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले सपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय पुलिस को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
भाषा सं आनन्द खारी
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