( फाइल फोटो के साथ)
पणजी, 15 जुलाई (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को घोषणा की कि 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दो वर्षीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों के समकक्ष माना जाएगा।
सावंत ने गोवा बोर्ड समकक्षता प्रमाणपत्र शुरू करने तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के बीच मजबूत तालमेल कायम करने समेत आईटीआई शिक्षा में बड़े सुधारों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इससे उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में विद्यार्थियों की संभावनाएं बेहतर होंगी।
मुख्यमंत्री ने यहां विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि अब 10वीं के साथ दो वर्षीय आईटीआई पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण वालों के समकक्ष माना जाएगा तथा उन्हें गोवा बोर्ड समकक्षता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आईटीआई और महाविद्यालयों के बीच समन्वय भी स्थापित किया है, ताकि व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थी अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकें।
सावंत ने कहा, ‘‘इन सुधारों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आईटीआई विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा प्रणाली के विद्यार्थियों के समान शैक्षणिक मान्यता मिले और उनकी रोजगार क्षमता भी बढ़े।’
उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिभा और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कौशल विकास एक महत्वपूर्ण आधार बन गया है।
उन्होंने कहा कि ‘स्किल इंडिया मिशन’, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जैसी पहल युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान कर रही हैं तथा उन्हें रोजगार के उभरते अवसरों के लिए तैयार कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं में अधिक निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा, कौशल और नवाचार के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना ‘‘विकसित भारत’’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक है।
सावंत ने राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले गोवा के शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी बधाई दी। इनमें पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक और राष्ट्रीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले गोवा के खिलाड़ियों की भी सराहना की।
अनुबंध शिक्षकों के मुद्दे पर सावंत ने आश्वासन दिया कि जिन शिक्षकों ने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं, उन्हें नियमितीकरण में प्राथमिकता दी जाएगी।
भाषा
राखी राजकुमार
राजकुमार