मंदिर जाना मेरा निजी अधिकार है, ‘उदार हिंदुत्व’ नहीं : केरल के मुख्यमंत्री

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मंदिर जाना मेरा निजी अधिकार है, 'उदार हिंदुत्व' नहीं : केरल के मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 03:19 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 03:19 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 15 जुलाई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कोल्लूर मूकांबिका मंदिर की अपनी हालिया यात्रा को लेकर लगाए गए ‘उदार (सॉफ्ट) हिंदुत्व’ के आरोपों को खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि उनकी आस्था उनका निजी मामला है, जिसे संविधान के तहत संरक्षण प्राप्त है।

सतीशन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि वह पिछले 37 वर्षों से कर्नाटक स्थित इस मंदिर में (पूजा-अर्चना के लिए) जा रहे हैं तथा केवल इस आधार पर उन्हें ‘‘उदार हिंदुत्व’’ का नेता बताना पूरी तरह निराधार है।

उन्होंने कहा, ‘‘मूकांबिका मंदिर जाना मेरा व्यक्तिगत अधिकार है। मुझे भगवान में आस्था रखने का संवैधानिक अधिकार है। इसे ‘उदार हिंदुत्व’ कैसे कहा जा सकता है?’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 1990 के दशक से इस मंदिर में जाते रहे हैं। उन्होंने खुद को वहां की अधिष्ठात्री देवी का भक्त बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले 37 वर्षों से मूकांबिका मंदिर जा रहा हूं। मैं कोल्लूर मूकांबिका का भक्त हूं और यह बात कहते हुए मुझे बहुत खुशी होती है।’’

सतीशन ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने मंदिर जाना छोड़ दिया होता, तो यह अस्वाभाविक बात होती।

उन्होंने आलोचकों पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘वे किस दुनिया में रह रहे हैं?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आलोचक उन सभी लोगों का अपमान कर रहे हैं, जो पूजा-अर्चना के लिए धार्मिक स्थलों पर जाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अधिकतर लोग मंदिर, चर्च और मस्जिद जाते हैं। क्या कोई यह कह सकता है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे मंदिर जाना बंद कर देना चाहिए?’’

सतीशन ने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधी अपनी ही पार्टी की अंदरूनी समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह मुद्दे उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनके (विरोधियों के) पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे हताशा में इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।

भाषा राखी सुरेश

सुरेश