अलवर (राजस्थान), 28 जून (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि सरकार भूमि अतिक्रमण जैसे मुद्दों से निपटने के लिए बाघ अभयारण्यों हेतु एक एकीकृत प्रबंधन योजना पर काम कर रही है।
यादव ने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता है कि हमारे बाघ सुरक्षित रहें, हमारे वन हरे-भरे बने रहें, तथा स्थानीय समुदाय निरंतर समृद्ध होते रहें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम बाघ अभयारण्यों के लिए एक एकीकृत प्रबंधन योजना बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसमें विभिन्न विभागों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।’’
मंत्री ने बताया कि इस योजना में वन, पुलिस, ग्रामीण, नगरपालिका, प्रदूषण, परिवहन, रेलवे और पर्यटन जैसे विभिन्न विभागों के साथ-साथ नागरिक समाज भी शामिल होगा।
यादव यहां राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा राजस्थान सरकार के सहयोग से आयोजित एक कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।
इस कार्यशाला में वन रक्षकों, वैज्ञानिकों, संरक्षण विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाया गया, ताकि अभयारण्य में बाघों को फिर से बसाने की पहल और सक्रिय प्रबंधन के लिए विज्ञान-आधारित रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जा सके।
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खारी रंजन
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