सरकार ने संस्थाओं को कठपुतली बनाया, संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहें: खरगे

सरकार ने संस्थाओं को कठपुतली बनाया, संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहें: खरगे

सरकार ने संस्थाओं को कठपुतली बनाया, संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहें: खरगे
Modified Date: August 15, 2024 / 07:23 am IST
Published Date: August 15, 2024 7:23 am IST

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि मौजूदा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को कठपुतली बना दिया है तथा कुछ ताकतें देश पर अपने विचार जबरदस्ती थोपकर भाईचारे को समाप्त करने में लगी हैं।

खरगे ने कहा कि यह जरूरी है कि लोग संविधान में दिए गए अभिव्यक्ति, जीवन, खान-पान, पहनावे, पूजा-पद्धति और किसी भी हिस्से में आने-जाने की आजादी के प्रति सजग रहें और संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहें।

खरगे ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मेरे प्यारे देशवासियों, आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। हम अपने लाखों महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें सादर नमन करते हैं।’’

उन्होंने कहा ‘‘लोकतंत्र और संविधान ही हमारे 140 करोड़ भारतीयों का सबसे बड़ा रक्षा कवच है। आख़िरी दम तक हम इसकी हिफ़ाज़त करेंगे।’’

कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, विपक्ष लोकतंत्र का ऑक्सीजन जैसा है और सरकार के असंवैधानिक रवैये को रोकने के साथ वह जनता की बात उठाता है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘यह चिंता की बात है कि संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं को सरकार ने कठपुतली बना दिया है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना था अनेकता में एकता बनी रहे। लेकिन कुछ ताकतें देश पर अपने विचार ज़बरदस्ती थोप कर हमारे भाईचारे को समाप्त करने में लगी हैं।’’

उनका कहा, ‘‘इसलिए जरूरी है कि हम सभी संविधान में दिए गए अभिव्यक्ति, जीवन, खान-पान, पहनावे, पूजा-पद्धति और किसी भी हिस्से में आने-जाने की आज़ादी के प्रति सजग रहें।’’

खरगे ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के नाते तमाम देशवासियों को यक़ीन दिलाना चाहता हूं कि हम बेरोज़गारी, महंगाई, ग़रीबी, भ्रष्टाचार और ग़ैर-बराबरी के ख़िलाफ़ लड़ते रहेंगे। संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहें। यही हमारे पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’’

भाषा हक हक सिम्मी शोभना

शोभना


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