केंद्र सरकार को नीट परीक्षा का बचाव नहीं करना चाहिए: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन
केंद्र सरकार को नीट परीक्षा का बचाव नहीं करना चाहिए: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन
चेन्नई, 16 जून (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने रविवार को कहा कि योग्यता के पैमाने के रूप में पेश की जा रही राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) घोटाला है और केंद्र को इस राष्ट्रीय परीक्षा का बचाव करना बंद कर देना चाहिए क्योंकि यह छात्रों के हितों, सामाजिक न्याय तथा गरीबों के भी खिलाफ है।
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘नीट को लेकर जारी विवाद स्पष्ट रूप से इसकी मूल असमान प्रकृति को उजागर करते हैं। ऐसे समाज में, जिसे हजारों सालों से शिक्षा से वंचित रखा गया है, हमें दबे कुचले लोगों को आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर प्रदान करने चाहिए। इसके उलट, नीट ऐसे छात्रों के अवसरों में बाधा डालता है।’
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) का बचाव करने के बावजूद हाल की घटनाएं एक अलग तस्वीर पेश करती हैं। गुजरात पुलिस ने निरीक्षकों पर पैसे लेकर ओएमआर शीट से छेड़छाड़ करने के आरोप पर प्राथमिकी दर्ज की है, इसमें कई करोड़ रुपये के चेक और आठ खाली चेक भी शामिल हैं। एक स्कूल प्रधानाचार्य, एक भौतिकी शिक्षक और नीट परीक्षा की तैयारी कराने वाले कई कोचिंग सेंटर को फंसाने वाली यह साजिश व्यवस्थागत बदलाव की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘शहीद अनीता से लेकर उन अनगिनत छात्रों तक, जिन्होंने दुखद रूप से अपनी जान गवां दी, हमने बहुत कुछ देखा है। योग्यता के मानकों के रूप में आयोजित की जाने वाली नीट परीक्षा ने बार-बार खुद को एक व्यापक घोटाले के रूप में उजागर किया है जो समाज के हर हिस्से को नुकसान पहुंचा रही है। केंद्र सरकार को इस छात्र-विरोधी, सामाजिक न्याय-विरोधी और गरीब-विरोधी नीट परीक्षा प्रणाली का बचाव करना बंद करना चाहिए।’
भाषा
योगेश सुरेश
सुरेश

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