सरकार कॉजपा के प्रदर्शनकारियों से बात करे और वांगचुंक को अनशन खत्म करना चाहिए: थरूर

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सरकार कॉजपा के प्रदर्शनकारियों से बात करे और वांगचुंक को अनशन खत्म करना चाहिए: थरूर

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 04:06 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 04:06 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार को प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद शुरू करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करना कमजोरी नहीं, बल्कि राजनीतिक सूझबूझ (स्टेटमैनशिप) का परिचायक होगा।

थरूर ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के नाम लिखे एक खुले पत्र में कहा कि सोमवार से संसद का सत्र फिर शुरू हो रहा है और छात्रों के मुद्दों को लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच पर उठाने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यही वह जगह है जहां इस समस्या का समाधान होना चाहिए, न कि आमरण अनशन के जरिये। कृपया मेरी अपील पर ध्यान दें।’’

थरूर ने कहा, ‘‘मेरे प्रिय युवा मित्रों, मैं आज आपसे एक राजनेता या सांसद के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में बात कर रहा हूं जो आपकी पीढ़ी के साथ जो कुछ हो रहा है, उससे गहराई से व्यथित है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत विषय है। मेरा जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। मेरे पिता अखबार में वेतनभोगी कर्मचारी थे और मेरी मां गृहिणी थीं। एक आय में तीन बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे जैसे परिवार के लिए योग्यता कोई नारा नहीं थी। छात्रवृत्ति, निष्पक्ष परीक्षाएं और ईमानदार परिणाम ही वह माध्यम थे, जिनके सहारे एक वेतन में तीन बच्चों के सपनों को पूरा किया जा सकता था।’’

नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। संगठन ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की भी घोषणा की है।

थरूर ने अपने जीवन का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मुझे कुछ भी विरासत में नहीं मिला। सब कुछ कड़ी मेहनत और परीक्षाओं के जरिए हासिल किया।’’

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘इसलिए मैं जानता हूं कि निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के युवाओं के लिए आगे बढ़ने का एकमात्र साधन निष्पक्ष और योग्यता आधारित व्यवस्था है। जब यह व्यवस्था टूटती है, प्रश्नपत्र लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं और भरोसा खत्म होता है, तब अमीर और प्रभावशाली लोगों के बच्चों को नुकसान नहीं होता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास आगे बढ़ने के दूसरे रास्ते होते हैं। लेकिन आपके सपनों, आपके परिवारों के त्याग और दुखद रूप से कई परिवारों में युवाओं के जीवन तक के साथ विश्वासघात होता है।’’

थरूर ने का कहना है कि जंतर-मंतर पर एकत्र युवाओं और देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे लोगों की बात पूरा देश सुन रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘आपका गुस्सा अनुशासनहीनता नहीं है, बल्कि उस पीढ़ी की पीड़ा है जिसने सब कुछ सही किया, फिर भी उसके साथ विश्वासघात हुआ। आप अकेले नहीं हैं।’’

वांगचुक के नाम अपने संदेश में थरूर ने उनसे ‘‘दिल से अपील’’ की कि वह अपना अनशन समाप्त करें।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। अनशन का उद्देश्य भी यही होता है। आने वाले लंबे संघर्ष के लिए देश को आपकी आवाज की जरूरत है।’’

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘सोमवार से संसद का सत्र फिर शुरू हो रहा है। हमें छात्रों के मुद्दे लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच पर उठाने का अवसर मिलेगा। समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन के जरिए। कृपया मेरी अपील स्वीकार करें।’’

सरकार के नाम अपने संदेश में थरूर ने कहा कि उसे आगे बढ़कर युवाओं के साथ वह संवाद शुरू करना चाहिए, जिसका वे लोकतंत्र में अधिकार रखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कमजोरी नहीं, बल्कि यह राजनीतिक सूझबूझ का परिचायक होगा।’’

भाषा हक हक पवनेश

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