सरकार प्रश्न पत्र लीक समस्या में रोग का नहीं लक्षणों का इलाज कर रही है : माकपा नेता ब्रिटास

सरकार प्रश्न पत्र लीक समस्या में रोग का नहीं लक्षणों का इलाज कर रही है : माकपा नेता ब्रिटास

सरकार प्रश्न पत्र लीक समस्या में रोग का नहीं लक्षणों का इलाज कर रही है : माकपा नेता ब्रिटास
Modified Date: July 30, 2026 / 06:42 pm IST
Published Date: July 30, 2026 6:42 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने प्रश्न पत्र लीक समस्या को रोकने के लिए सरकार द्वारा लाये गये विधेयक को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि इसमें रोग नहीं लक्षणों का इलाज किया जा रहा है।

उच्च सदन में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास ने कहा कि वह जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए गये थे। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र लीक होने से न केवल छात्र बल्कि उनके माता-पिता को भी बहुत निराशा होती है।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक से प्रश्न पत्र लीक होने की समस्या का हल नहीं निकलेगा क्योंकि इसमें रोग नहीं उसके लक्षणों का इलाज किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल समिति पर समिति बनाती रही है। उन्होंने इस बारे में मशहूर हास्य कलाकार जसपाल भट्टी के टीवी सीरियल ‘उल्टा पुल्टा’ का उदाहरण दिया जिसमें हर समस्या के लिए सरकार के पास एक ही हल यानी समिति बनाने का उपाय होता है।

ब्रिटास ने कहा कि देश में करोड़ों रूपये का कोचिंग उद्योग कारोबार हो गया है और उनके ऊपर कोई अंकुश नहीं है।

उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों का मजाक नहीं बनाना चाहिए और उन्हें विदेशी ताकतों से प्रेरित नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे हमारे और आपके बच्चे हैं।

माकपा ने कहा कि जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन ने भय को मिटा दिया और लोकतंत्र को देश में स्थान मिलना शुरू हो गया।

आसन की अनुमति से हस्तक्षेप करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि वामपंथी पूरे देश में आंदोलन चाहते हैं किंतु उन्हें सदन को यह बताना चाहिए कि देश में जब आंदोलन हो रहे थे तो उसे दबाने के लिए आपातकाल लगाया जाना ठीक था या छात्रों के आंदोलन में उठाये गये मुद्दे के समाधान के लिए सरकार द्वारा यह विधेयक लाया जाना सही है।

इस पर ब्रिटास ने कहा कि उनकी पार्टी ने आपातकाल का कड़ा विरोध किया था और इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा था किंतु आज देश में ‘अघोषित आपातकाल’ लगा हुआ है।

चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत ने कहा कि उन्हें इस बात पर आश्चर्य होता है कि सत्ता पक्ष में सदन के नेता जे पी नड्डा सहित कई ऐसे लोग हैं जिनकी शुरुआत ही छात्र आंदोलन से हुई किंतु इस छात्र आंदोलन के प्रति वे इतने बेपरवाह कैसे रह सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वह एक फिल्म बनाने की सोच रहे हैं जिसका नाम होगा, ‘‘लापता गृह मंत्री’’। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठी चलायी गयी, पेलेट गन चलायी गयी किंतु गृह मंत्री ने कुछ भी नहीं कहा।

उन्होंने कहा कि ये परीक्षाएं छात्रों के भविष्य से जुड़ी हैं और सरकार की व्यवस्था के कारण प्रश्न पत्र लीक हुए। इस मामले में सरकार को जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

भाषा माधव अविनाश

अविनाश


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