गांधीनगर, तीन जून (भाषा) गुजरात सरकार ने राज्य के सभी शहरों और कस्बों में बिजली के तारों को पूरी तरह भूमिगत करने का फैसला किया है। इसके तहत, 2030 तक शहरों को बिजली के तारों के जाल से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। राज्यमंत्री जीतू वाघानी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य शॉर्ट-सर्किट जैसी दुर्घटनाओं को रोकना और तकनीकी खराबियों को कम करना है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघानी ने कहा, ‘‘गुजरात 2030 तक चरणबद्ध तरीके से ‘बिजली के तारों से मुक्त’ शहर बन जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरुआती चरण के लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी है।’’
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने ‘‘गुजरात विद्युत तार-मुफ्त शहर अभियान’’ को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जो हरित और स्मार्ट शहर बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस अभियान के तहत शहरों में खंभों से गुजरने वाले बिजली के तारों को पूरी तरह हटाकर भूमिगत केबल नेटवर्क में तब्दील कर दिया जाएगा।
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सुमित सुरेश
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