गुजरात : सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को मौत की सजा सुनाई गई

गुजरात : सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को मौत की सजा सुनाई गई

  •  
  • Publish Date - January 17, 2026 / 05:41 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 05:41 PM IST

राजकोट, 17 जनवरी (भाषा) गुजरात के राजकोट स्थित एक अदालत ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म और लोहे की छड़ से उसपर यौन हमला करने के आरोपी को शनिवार को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। अदालत ने यह फैसला घटना के 44 दिनों के भीतर सुनाया है।

बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश वी.ए. राणा ने मूल रूप से मध्यप्रदेश के अलीराजपुर निवासी रामसिंह दुडवा (32) को बलात्कार और यौन हमले के लिए पोक्सो एवं भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि गुजरात सरकार हर बेटी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चलती है।

यह वारदात चार दिसंबर को जिले में अटकोट कस्बे के पास कानपार गांव के बाहरी इलाके में हुई थी। आरोपी ने बच्ची को उस समय अगवा कर लिया जब वह अपने चचेरे भाइयों के साथ एक खेत में खेल रही थी ।

दुडवा बच्ची को बाइक पर बिठाकर समीप की एक झाड़ी में ले गया और वहां उसने उसके साथ बलात्कार किया। उसने लोहे की छड़ से बच्ची पर यौन हमला किया तथा उसे खून से लथपथ एवं दर्द से तड़पता छोड़कर फरार हो गया।

पुलिस ने दुडवा को आठ दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। वह तीन बच्चों का पिता है तथा पीड़िता खेतिहर मजदूर की बेटी है।

जब पुलिसकर्मी सबूत जुटा रहे थे, तब आरोपी ने लोहे की छड़ से पुलिसकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी। अटकोट पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने मामले में दुडवा के खिलाफ 19 दिसंबर को आरोपपत्र दाखिल किया और अदालत ने 12 जनवरी को उसे दोषी करार दिया।

अदालत ने यह कहते हुए दुडवा को मौत की सजा सुनाई कि यह ‘दुर्लभ से दुर्लभतम मामला’ है।

पीड़िता के परिवार ने अदालत को पत्र लिखकर त्वरित सुनवाई और आरोपी के को मौत की सजा देने का अनुरोध किया था।

संघवी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गुजरात सरकार का स्पष्ट संदेश: हमारी बेटियों पर हमले का मतलब है कि अपराधी के जीवन का अंत। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में, मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं कि गुजरात में लड़कियों और महिलाओं के साथ अपराधों के लिए हमारी कतई बर्दाश्त नहीं की नीति है।’’

उन्होंने कहा कि अटकोट मामले में, प्राथमिकी से लेकर सजा तक की पूरी प्रक्रिया मात्र 40 दिनों में पूरी हो गई।

भाषा राजकुमार धीरज

धीरज