गुजरात पुलिस ने 362 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पकड़ा

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गुजरात पुलिस ने 362 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पकड़ा

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 09:54 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 09:54 PM IST

गांधीनगर, तीन जून (भाषा) गुजरात पुलिस ने राज्यभर से 362 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पकड़ा है और 780 अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने यहां पत्रकारों से कहा कि ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत की गई कार्रवाई की सुनियोजित योजना बनाई गई थी और इसमें राज्य के सभी हिस्से शामिल थे।

उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर 6,200 से अधिक व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। इनमें से अब तक 362 लोगों की पहचान (अवैध) बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है और आने वाले दिनों में जांच जारी रहेगी।’’

संघवी ने कहा कि पुलिस की एक टीम उन लोगों के खिलाफ भी जांच कर रही है जिन्होंने इन प्रवासियों को आवास प्रदान किया या अनिवार्य पुलिस सत्यापन के बिना उन्हें काम पर रखा।

मंत्री ने कहा कि पुलिस दलों ने पिछले 72 घंटों से अधिक समय तक अथक परिश्रम किया और अवैध प्रवासियों का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ मानवीय खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए एक व्यापक रणनीति अपनाई।

उन्होंने कहा कि अधिकांश अवैध बांग्लादेशी नागरिक मजदूरी जैसे कार्यों में लगे हुए थे और इनकी सबसे अधिक संख्या अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा और भरूच में पाई गई।

अहमदाबाद पुलिस के अनुसार, शहर में ऐसे 300 लोगों को पकड़ा गया और उनमें से 66 लोगों के अवैध प्रवासी होने की पुष्टि अब तक हो चुकी है।

संघवी ने कहा, ‘‘डांग जिले में भी एक अभियान चलाया गया, जिसमें पांच संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा छापेमारी के दौरान रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनल, राजमार्गों और जिला सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी गई। उन्होंने कहा कि गुजरात से भागने की कोशिश करते समय कम से कम 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

मंत्री ने कहा, ‘‘यह एक सुनियोजित अभियान था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, अवैध प्रवासियों की संख्या में काफी वृद्धि होने की आशंका है।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस घर-घर और गांव-गांव जाकर अभियान जारी रखेगी, जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे प्रत्येक बांग्लादेशी नागरिक को उनके देश वापस भेजना है।

संघवी ने कहा कि इनमें से कई प्रवासियों ने पश्चिम बंगाल के कुछ गांवों से प्राप्त मामूली सरकारी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड हासिल कर लिए, जिससे देश में उनका अवैध रूप से रहना आसान हो गया।

मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर मजबूत बाड़ लगाने से घुसपैठियों को देश में घुसने का मौका नहीं मिलेगा और राष्ट्रीय सीमाएं अधिक सुरक्षित हो जाएंगी।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव