दिल्ली के लिए पानी के वैध हिस्से को रोक रहा है हरियाणा : डीजेबी उपाध्यक्ष

दिल्ली के लिए पानी के वैध हिस्से को रोक रहा है हरियाणा : डीजेबी उपाध्यक्ष

दिल्ली के लिए पानी के वैध हिस्से को रोक रहा है हरियाणा : डीजेबी उपाध्यक्ष
Modified Date: November 29, 2022 / 08:40 pm IST
Published Date: July 11, 2021 7:40 am IST

नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने रविवार को दावा किया कि हरियाणा दिल्ली के पानी के वैध हिस्से को रोक रहा है और पड़ोसी राज्य द्वारा यमुना में छोड़ा जा रहा पानी ‘‘अब तक के सबसे निचले स्तर’’ पर है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा द्वारा दिल्ली के पानी के हिस्से को कथित तौर पर रोके जाने की वजह से वजीराबाद तालाब के जलस्तर में गिरावट आई है और चंद्रावल, वजीराबाद, ओखला जल शोधन संयंत्रों के परिचालन क्षमता घटी है।

वजीराबाद तालाब में घटे हुए जलस्तर की तस्वीरों को साझा करते हुए चड्ढा ने ट्वीट में कहा, ‘‘हरियाणा द्वारा यमुना में छोड़ा जा रहा पानी अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। एक फुट की गिरावट से भी शहर पर काफी प्रभाव पड़ सकता है लेकिन इस समय तालाब का जलस्तर 674 फुट से नीचे गिरकर 667 फुट हो गया। हरियाणा सरकार दिल्ली के वैध हिस्से को रोक रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा से यमुना में शून्य क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।’’

उन्होंने बताया कि चंद्रावल जल शोधन संयंत्र एक दिन में 90 मिलियन गैलन (एमजीडी) की सामान्य क्षमता की जगह 55 मिलियन गैलन जल ही शोधित कर रहा है।

दिल्ली जल बोर्ड, गर्मी के महीने में शहर की 1,150 एमजीडी जल आपूर्ति की मांग की जगह 945 एमजीडी जल की आपूर्ति ही कर पा रहा है। मौजूदा समय में दिल्ली को हरियाणा से 609 एमजीडी की जगह 479 एमजीडी जल ही मिल रहा है। इसके अलावा दिल्ली को 90 एमजीडी पानी भूजल से और 250 एमजीडी ऊपरी गंगा नहर से मिलता है।

शनिवार को चड्ढा ने कहा था कि दिल्ली में जल संकट के लिए सिर्फ और सिर्फ हरियाणा सरकार जिम्मेदार है क्योंकि वह क़ानूनी रूप से तय मात्रा से 120 एमजीडी कम जल की आपूर्ति कर रही है।

भाषा स्नेहा

नेहा

नेहा

नेहा


लेखक के बारे में