हरियाणा मंत्रिमंडल ने छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने संबंधी अध्यादेश को मंज़ूरी दी

Ads

हरियाणा मंत्रिमंडल ने छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने संबंधी अध्यादेश को मंज़ूरी दी

  •  
  • Publish Date - October 12, 2025 / 10:07 PM IST,
    Updated On - October 12, 2025 / 10:07 PM IST

चंडीगढ़, 12 अक्टूबर (भाषा) नियामकीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से, हरियाणा मंत्रिमंडल ने रविवार को हरियाणा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अध्यादेश, 2025 को लागू करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में, कारखानों में कुछ प्रक्रियाओं में महिलाओं को रोज़गार देने की अनुमति देने के लिए पंजाब कारखाना नियमावली, 1952 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दे दी गई।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हरियाणा जन विश्वास अध्यादेश का उद्देश्य 42 राज्य अधिनियमों में शामिल 164 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है।

इसमें कहा गया है, ‘‘यह पहल केंद्र सरकार के अनुपालन बोझ को कम करने और विभिन्न क्षेत्रों में छोटे अपराधों को अपराधमुक्त करने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।’’

इस अध्यादेश में छोटी तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूकों के लिए आपराधिक दंड के स्थान पर दीवानी दंड और प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान है।

यह अप्रचलित और अनावश्यक धाराओं को भी हटाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कानूनी ढांचा अधिक पारदर्शी, कुशल और सुविधाजनक हो।

यह सुधार पहल केंद्र सरकार द्वारा जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2023 को लागू किए जाने के बाद की गई है, जिसके तहत 42 केंद्रीय अधिनियमों में शामिल 183 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया था।

भाषा रंजन दिलीप

दिलीप