अन्नाद्रमुक में आंतरिक फूट के बाद चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई

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अन्नाद्रमुक में आंतरिक फूट के बाद चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 11:51 AM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 11:51 AM IST

चेन्नई, 14 मई (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) में बढ़ते मतभेद के बाद बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच 2022 में भड़की हिंसक झड़पों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

पार्टी वर्तमान में फिर से आंतरिक मतभेद का सामना कर रही है, जिसमें एक गुट का नेतृत्व इसके महासचिव ई. के. पलानीस्वामी कर रहे हैं तथा दूसरे गुट का नेतृत्व सी. वी. षणमुगम और एस. पी. वेलुमणि द्वारा किया जा रहा हैं।

तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की अगुवाई वाली सरकार के बहुमत हासिल करने के बाद यह विभाजन स्पष्ट हो गया।

वेलुमणि-षणमुगम खेमे से जुड़े अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों ने टीवीके के पक्ष में मतदान किया, जिससे 234 सदस्यीय सदन में सत्तारूढ़ टीवीके के पक्ष में विधायकों की संख्या बढ़कर 144 हो गई।

इसके बाद पलानीस्वामी ने वेलुमणि, षणमुगम, नथम आर. विश्वनाथन सहित 25 विधायकों को पार्टी के विभिन्न पदों से हटा दिया।

इसी बीच, अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ता अपना समर्थन देने के मकसद से सुबह पलानीस्वामी के आवास पर पहुंचने लगे हैं।

अन्नाद्रमुक सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी द्वारा अपने पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करने की संभावना है।

अन्नाद्रमुक के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी के अधिवक्ता आई. एस. इनबादुरई भी विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मिलकर बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा