Land Registry Charges Reduction || IMAGE- IBC24 News Archive
लखनऊ: मंगलवार को देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की सरकार ने कैबिनेट के अहम बैठक की गई। सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुए इस बैठक में 13 अहम् प्रस्तावों पर मुहर लगी है। सभी फैसले जनहित और जनकल्याण से जुड़े होने का दावा उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने किया है। सरकार ने सबसे बड़ा फैसला जमीनों के खरीद-बिक्री (Land Registry Charges Reduction) पर लिया है। आप भी पढ़ें कुछ अहम निर्णय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया। अब राज्य सरकार औद्योगिक और व्यवसायिक संपत्तियों के लिए भी गिफ्ट डीड जारी करेगी। इससे पहले यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि भूमि के लिए उपलब्ध थी। अब इन संपत्तियों के ट्रांसफर के लिए मात्र पाँच हजार रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि पहले शहरी क्षेत्रों में 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत की दर से शुल्क लिया जाता था, (Land Registry Charges Reduction) लेकिन अब इसे घटा दिया गया है। इस फैसले से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता आएगी।
कैबिनेट ने कुशीनगर और झांसी में रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए भूमि प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से दोनों जिलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया सरल और तेज होगी। इससे नागरिकों को अपने दस्तावेज़ों के पंजीकरण में अधिक सुविधा मिलेगी।
विश्वविद्यालयों से जुड़ी एक बड़ी खबर शिकोहाबाद स्थित जे.एस. विश्वविद्यालय से सामने आई है। विश्वविद्यालय द्वारा फर्जी मार्कशीट जारी किए जाने के मामले में कुलपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र को गिरफ्तार किया गया है। उच्च शिक्षा परिषद की जांच में यह भी सामने आया कि विश्वविद्यालय में बिना मान्यता वाले पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे थे। इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई है।
उद्योग विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत यदि कोई कंपनी 3000 करोड़ रुपये का निवेश करती है, तो उसे विशेष रियायतें और सब्सिडी प्रदान की जाएंगी। (Land Registry Charges Reduction) इससे राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पीलीभीत जिले में नए बस अड्डे के निर्माण के लिए कैबिनेट ने 7000 वर्ग मीटर भूमि देने का प्रस्ताव पास किया है। यह बस अड्डा दो वर्षों में तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाना है। यह परियोजना पीलीभीत के कनेक्ट रोड से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी।
चिकित्सा क्षेत्र में भी कई अहम निर्णय लिए गए हैं। वाराणसी में 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की योजना को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वाराणसी में राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के लिए 50 एकड़ भूमि देने का भी निर्णय लिया गया है। इससे क्षेत्र में चिकित्सा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
पीएसी 37 वाहिनी, कानपुर में निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त कर उनकी जगह 108 टाइप-वन आवासों का निर्माण किया जाएगा। (Land Registry Charges Reduction) इस फैसले से पीएसी कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी और उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों के 9 रिक्त पदों में से दो-तिहाई पदों पर पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति की जाएगी। शेष एक-तिहाई पदों पर अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं की नियुक्ति की जाएगी।
Did Yogi Cabinet Just Liquidate JS University Over Fake Degrees? Lucknow, Jan 6 (NationPress) The Uttar Pradesh Cabinet, chaired by Chief
Minister Yogi Adityanath, has approved two significant decisions concerning the
higher education sector in the state. https://t.co/fESodI6pFx pic.twitter.com/ucjPDEdjVq— NationPress (@np_nationpress) January 6, 2026