Delhi Bulldozer Action: राजधानी में आधी रात 17 बुलडोजर के साथ एक्शन! फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण ढहाया, पथराव के बाद इलाके में हालात तनावपूर्ण

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Delhi Bulldozer Action: राजधानी में आधी रात 17 बुलडोजर के साथ एक्शन! फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण ढहाया, पथराव के बाद इलाके में हालात तनावपूर्ण

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  • Publish Date - January 7, 2026 / 07:23 AM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 07:27 AM IST

Delhi Bulldozer Action/Image Source: ANI

HIGHLIGHTS
  • फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन
  • 17 बुलडोजर की मदद से हटाया गया अतिक्रमण
  • कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने जताया विरोध

दिल्ली: Delhi Bulldozer Action: देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार सुबह उस समय तनाव फैल गया, जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए नगर निगम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। एमसीडी की टीम 17 बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की।

फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर कार्रवाई (delhi news today)

Delhi Bulldozer Action: कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध उग्र हो गया और कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

पुलिस और प्रशासन की अतिरिक्त तैनाती के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया लेकिन इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनज़र मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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"तुर्कमान गेट" इलाके में एमसीडी की कार्रवाई क्यों की गई?

A: "तुर्कमान गेट" इलाके में नगर निगम (एमसीडी) ने अवैध निर्माण हटाने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था, जिसके तहत फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बने अवैध ढांचों को हटाया जा रहा था।

"तुर्कमान गेट" में विरोध और पथराव की स्थिति कैसे बनी?

A: "तुर्कमान गेट" में कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध किया, जो बाद में उग्र हो गया। कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने के बाद पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

"तुर्कमान गेट" इलाके की मौजूदा स्थिति क्या है?

A: "तुर्कमान गेट" इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात पर काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी बनी हुई है।