शिमला, नौ मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश के निवर्तमान राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला ने राज्य सरकार को मजबूत कार्यसंस्कृति अपनाने और उपलब्ध अवसरों का प्रभावी उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी सोमवार को कहा कि राज्यपाल द्वारा समय-समय पर दिए गए सुझावों को उनकी सरकार ने ईमानदारी से लागू किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधेयकों से संबंधित किसी भी संदेह को चर्चा के माध्यम से सुलझाया गया है।
तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने जा रहे शुक्ला ने रविवार को मीडिया से कहा था कि हिमाचल प्रदेश के गठन को 50 साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन यह उतनी तेजी से विकसित नहीं हुआ, जितना काफी बाद गठित उत्तराखंड का विकास हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘हिमाचल में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के नेतृत्व को मजबूत कार्यसंस्कृति अपनाना तथा उपलब्ध अवसरों का उपयोग करना चाहिए, ताकि प्रदेश आत्मनिर्भर बन सके।”
राज्यपाल ने अपने विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से मिले समर्थन के लिए आभारी हूं।’’
राज्यपाल ने राज्य में नशे की बढ़ती समस्या को रोकने, पर्यावरण की सुरक्षा और पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, “राज्यपाल जनता के निकट रहे और उन्होंने नियमित रूप से छात्रों, युवाओं, नागरिकों और संगठनों के साथ संवाद किया। शैक्षणिक संस्थानों में उनकी उपस्थिति ने युवाओं को ज्ञान, मूल्यों और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा दी।”
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प्रचेता सुरेश
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