(फाइल फोटो के साथ)
गुवाहाटी, 24 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि गायक जुबिन गर्ग की मुत्यु से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए वह उनके परिवार के सदस्यों के साथ एक त्वरित अदालत की स्थापना पर चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने जोरहाट जिले के मारियानी में एक कार्यक्रम से इतर कहा कि मौजूदा न्यायाधीश ने सभी सात आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं और नियमानुसार, जब किसी व्यक्ति से अच्छा परिणाम मिलता है, तो आमतौर पर उसे बदला नहीं जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मामला त्वरित अदालत में जाता है और आरोपी को जमानत मिल जाती है, तो इसका दोष मुझ पर नहीं आना चाहिए।’’
शर्मा ने कहा,‘‘प्रक्रिया धीमी हो सकती है, लेकिन आरोपी अब भी जेल में हैं… वे पिछले पांच महीनों से जेल में हैं और जमानत पर बाहर नहीं आ पाए हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम जुबिन गर्ग के परिवार से इस बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और फिर निर्णय लेंगे।’’
विपक्ष के इस आरोप के बारे में कि विधानसभा चुनाव के बाद आरोपियों को रिहा कर दिया जाएगा, शर्मा ने कहा कि वे इस मामले को ‘राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन जुबिन राजनीति से ऊपर थे।’
गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग और उनकी बहन पाल्मे बोरठाकुर ने कामरूप महानगर जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रहे मामले की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने सरकार से त्वरित सुनवाई के लिए एक अदालत गठित करने की अपील की थी।
गरिमा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि अदालत आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई क्यों कर रही है। वे इसमें देरी कर रहे हैं। हम प्रतिदिन सुनवाई के लिए त्वरित अदालत की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इसकी स्थापना नहीं हुई है। मैं सरकार से इसके लिए एक बार फिर अनुरोध करती हूं।’’
इस मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी।
एसआईटी ने 12 दिसंबर को आरोपपत्र दाखिल किया था और पहली सुनवाई 16 दिसंबर को हुई थी।
गर्ग सिंगापुर में आयोजित उत्तर पूर्व भारत महोत्सव में भाग लेने गए थे, जहां 19 सितंबर को समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी।
भाषा राजकुमार पवनेश
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