माहवारी स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए होम्योपैथी टिकाऊ समाधान विकल्प हो सकता है: विशेषज्ञ

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माहवारी स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए होम्योपैथी टिकाऊ समाधान विकल्प हो सकता है: विशेषज्ञ

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 05:51 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 05:51 PM IST

(पायल बनर्जी)

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारत में लगभग 80 प्रतिशत किशोरियों को माहवारी संबंधी समस्याओं के कारण दैनिक कामकाज में व्यवधान का सामना करना पड़ता है तथा लगभग 30 प्रतिशत स्कूल नहीं जा पाती हैं।

केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के कार्यक्रमों से यह निष्कर्ष सामने आया है जो एक बड़ी जनस्वास्थ्य चिंता को दर्शाता है।

दस अप्रैल को मनाये जाने वाले विश्व होम्योपैथी दिवस से पहले, महिलाओं और किशोरियों में माहवारी संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रबंधन के लिए एकीकृत और दीर्घकालिक दृष्टिकोणों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस बार होम्योपैथिक दिवस के लिए ‘स्थायी स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी’ विषय है।

टिकाऊ स्वास्थ्य समाधानों के महत्व पर जोर देते हुए केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि माहवारी स्वास्थ्य महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य और गरिमा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘जैसे-जैसे हम निवारक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल की ओर बढ़ रहे हैं, होम्योपैथी एक सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ दृष्टिकोण प्रदान करती है, विशेष रूप से उन स्थितियों के लिए जिनमें दीर्घकालिक प्रबंधन की आवश्यकता होती है।’’

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, ‘‘ऐसी स्वास्थ्य प्रणालियों की आवश्यकता बढ़ती जा रही है जो न केवल प्रभावी हों बल्कि सुलभ और रोगी-अनुकूल भी हों। होम्योपैथी, अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण के साथ, माहवारी संबंधी विकारों को दूर करने और स्थायी स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देने की क्षमता रखती है।’’

सीसीआरएच की वैज्ञानिक और परियोजना समन्वयक डॉ. अनुप्रिया चौधरी ने कहा, ‘‘24 राज्यों के 127 स्कूलों में 10,000 से अधिक किशोरियों पर सीसीआरएच के नेतृत्व में किये गये कार्यक्रम के पहले चरण के निष्कर्षों से पता चला है कि लगभग 80 प्रतिशत किशोरियों को माहवारी संबंधी समस्याओं के कारण दैनिक कामकाज में व्यवधान का सामना करना पड़ा, जबकि लगभग 30 प्रतिशत ने स्कूल से अनुपस्थित रहने की सूचना दी।’’

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि माहवारी संबंधी विकारों —जैसे अनियमित मासिक धर्म चक्र और माहवारी के दौरान पेड़ू में अत्यधिक दर्द से लेकर पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) जैसी स्थितियों के लिए अक्सर लंबे समय तक देखभाल की आवश्यकता होती है।

सीसीआरएच के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक ने कहा, ‘‘हमारे शोध से पता चलता है कि व्यक्तिगत होम्योपैथिक उपचार माहवारी स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।’’

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश