हैदराबाद, दो जुलाई (भाषा) हैदराबाद पुलिस की मादक पदार्थ रोकथाम शाखा ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह डाक और कूरियर सेवाओं का उपयोग करके पूरे देश में गांजा का वितरण कर रहा था।
शहर पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान एक गंभीर सुरक्षा खामी का पता चला, क्योंकि इस गिरोह ने मादक पदार्थों की तस्करी के लिए स्पीड पोस्ट का दुरुपयोग किया।
एक पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से झारखंड से संचालित हो रहा था और इसके सरगना सत्यम मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद इसका भंडाफोड़ हुआ। मिश्रा झारखंड के गिरिडीह जिले का निवासी है।
विज्ञप्ति में बताया गया कि गिरोह की गतिविधियों का खुलासा तब हुआ जब झारखंड के इसरी बाजार डाकघर से हैदराबाद में एक व्यक्ति को भेजे गए गांजा के एक पार्सल को पकड़ा गया और इस मामले का खुलासा हुआ।
आरोपी सत्यम मिश्रा ने गंभीर आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी, शुरुआत में वह पेंटर का काम करता था और बाद में विभिन्न राज्यों में वाणिज्यिक वाहन चलाने लगा।
विज्ञप्ति के अनुसार इन यात्राओं के दौरान वह अक्सर मुंबई जाता था। 2018 में मिश्रा को गांजे की लत लग गई, जिसके चलते उसका संपर्क तस्करों से होने लगा।
जल्दी पैसा कमाने की चाह में, उसने अपने बड़े भाई शुभम मिश्रा के साथ मिलकर गांजे के अवैध व्यापार में कदम रखा। आगे चलकर उन्होंने अन्य आरोपियों सचिन मिश्रा, राहुल झा और संतोष पंडित को अपने साथ कर संगठित गिरोह बना लिया।
यह गिरोह झारखंड में स्थानीय स्रोतों से गांजा हासिल करने के साथ-साथ, अपने पैतृक गांव में इसकी खेती करके गांजा एकत्र करता था, और इसे हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों सहित लगभग 21 राज्यों में भेजता था।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री (गांजे) को भेजने के लिए वे झारखंड के इसरी बाज़ार और फुसरो बाज़ार डाकघरों का उपयोग करते थे। स्पीड पोस्ट बुकिंग के दौरान डाक अधिकारियों को धोखा देने के लिए, आरोपी झूठ बोलते थे कि पार्सल में दवाइयां हैं।
यह गिरोह देश भर में हर दिन लगभग 80 से 100 ऑर्डर भेजता था, जिसमें से आठ से 10 खेप रोज़ाना स्पीड पोस्ट के ज़रिए भेजी जाती थीं।
प्रत्येक पार्सल में आमतौर पर 50 से 250 ग्राम गांजा होता था, जिसे ग्राहकों को प्रति ऑर्डर 1,500 रुपये से लेकर 8,000 रुपये में बेचा जाता था।
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने इस अभियान में शामिल अधिकारियों की सराहना की।
भाषा तान्या अविनाश
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