नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) फिल्म ‘3 इडियट्स’ में चतुर ‘साइलेंसर’ रामलिंगम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने मंगलवार को लोगों से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा ‘‘मैं नहीं चाहता कि फुनसुख वांगड़ू की मौत हो।’’
आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘3 इडियट्स’ का किरदार फुनसुख वांगड़ू सोनम वांगचुक से प्रेरित था। वांगचुक ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
साल 2009 में निर्देशक राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘3 इडियट्स’ में चतुर ‘साइलेंसर’ रामलिंगम की लोकप्रिय भूमिका निभाने वाले वैद्य ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक वीडियो साझा कर लोगों का ध्यान वांगचुक की स्थिति की ओर आकर्षित किया।
वैद्य ने वीडियो में कहा, ‘‘मैं नहीं चाहता कि उनकी मौत हो। हैलो इडियट्स, पहचाना? मैं ओमी वैद्य हूं, ‘3 इडियट्स’ का चतुर। मेरे पास आपके लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। मैं आमतौर पर ऐसा नहीं करता, इसलिए कृपया ध्यान से सुनें।’’
वैद्य ने याद दिलाया कि आमिर खान का किरदार फुनसुख वांगड़ू वांगचुक से प्रेरित था। उन्होंने उन्हें ‘‘विनम्र’’ तथा ‘‘काफी प्रभावशाली व्यक्ति’’ बताया।
उन्होंने कहा कि वांगचुक काफी लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं और उनका रक्त शर्करा स्तर काफी नीचे चला गया है।’’
अभिनेता ने कहा, ‘‘यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है… वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनके कुछ मुद्दे हैं… और चाहे आप उनसे सहमत हों या नहीं, मैं नहीं चाहता कि उनकी मौत हो।’’
आयोजकों के अनुसार, अनशन शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम कम हो गया है। उनके हालिया स्वास्थ्य परीक्षण में रक्तचाप 107/70 एमएमएचजी और रक्त शर्करा स्तर 67 एमजी/डीएल दर्ज किया गया।
वैद्य ने लोगों से अपील की कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर उन मुद्दों को समझें, जिन्हें वांगचुक अपने अनशन के माध्यम से उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि वह जीवित रहें। हम आम लोग हैं और हमारी सामान्य जिंदगी है। हम इन चीजों से निपटने में इतने व्यस्त रहते हैं, लेकिन अगर आप इन मुद्दों को समझेंगे तो हो सकता है कि आप उनसे सहमत हों और आपको लगे कि आप भी ऐसी ही समस्याओं का सामना कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए अगर आपके पास एक पल का समय है तो रुकिए, अपने काम, प्रोजेक्ट या घर की जिम्मेदारियों से थोड़ा समय निकालिए और देखिए कि क्या हो रहा है… मैं नहीं चाहता कि फुनसुख वांगड़ू की मौत हो।’’
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश