डिंडीगुल (तमिलनाडु), 17 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने जो चिंगारी भड़काई थी, उसकी आंच दिल्ली तक पहुंची और उसने भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी “करारा झटका” दिया।
स्टालिन ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में यह शायद पहली बड़ी हार है और यह ‘‘करारी शिकस्त’’ महज शुरुआत भर है, 23 अप्रैल को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इसका असर पूरी तरह दिखेगा।
संसद में परिसीमन विधेयक के गिरने पर उन्होंने कहा, “आप लोगों ने जो जिम्मेदारी मुझे तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनाकर सौंपी है, उसी के बल पर स्टालिन की सुलगाई चिंगारी ने दिल्ली के अहंकार को खाक कर दिया है। परिसीमन के खिलाफ हमारी लड़ाई सफल रही है…।’’
द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष स्टालिन ने अपने नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव ई के. पलानीस्वामी के लिए भी “चुनाव से पहले की बड़ी हार” है।
उन्होंने कहा, “उन्होंने (भाजपा) सोचा था कि चुनाव के दौरान परिसीमन विधेयक लाकर हम सुस्त पड़ जाएंगे, लेकिन तमिलनाडु हमेशा सजग रहता है।’’
भाषा प्रचेता खारी
खारी