पुडुचेरी, आठ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी नारायणसामी ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यह साबित कर दें कि उन्होंने पुडुचेरी में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित मेडिकल सीटों को बेच दिया तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
नारायणसामी ने कहा कि वह किसी भी तरह की जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं, चाहे वह न्यायिक जांच हो, आयकर विभाग की जांच हो या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की।
वह गृह मंत्री द्वारा हाल में पुडुचेरी में चुनाव प्रचार के दौरान लगाए गए आरोपों का जिक्र कर रहे थे।
कांग्रेस नेता के अनुसार, शाह ने कहा था कि पुडुचेरी में कांग्रेस शासन (2016 से 2021 के बीच नारायणसामी के नेतृत्व में) ने एससी और एसटी के छात्रों के लिए आरक्षित मेडिकल सीटों को बेच दिया था और इस तरह पार्टी को केंद्र शासित प्रदेश को ‘एटीएम’ की तरह इस्तेमाल करने में मदद मिली, जिससे यहां से 15,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
नारायणसामी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘यह सरासर निराधार आरोप था और गृह मंत्री का इरादा कांग्रेस और उनकी छवि को धूमिल करना था।’’
उन्होंने शाह से पूछा कि क्या उनके पास कोई सबूत है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर आरोप साबित हो जाता है, तो मैं राजनीति छोड़ने को तैयार हूं। वहीं दूसरी ओर, अगर गृह मंत्री आरोप साबित नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
नारायणसामी ने पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कथित कदाचार का भी उल्लेख किया।
उन्होंने नौ अप्रैल के चुनाव में लोगों से कांग्रेस, द्रमुक और वीसीके के गठबंधन को जीत दिलाने की अपील की।
भाषा आशीष माधव
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