दिल्ली। हम जो ख़बर आपको बताने जा रहे हैं, वो न सिर्फ दिल्ली में रहने वालों बल्कि दूसरे राज्यों से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के लिए भी बड़े काम की है। देश की राजधानी की सीमा में आने वाली किसी भी सड़क पर कोई भी दुर्घटना होती है तो उस दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। घायल व्यक्ति को चाहे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए या निजी अस्पताल में इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इतना ही नहीं, घायल व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से का रहने वाला हो, दिल्ली सरकार की इस सुविधा के दायरे में शामिल होगा। सड़क दुर्घटना में घायल होने, चोट लगने, आग से जल जाने, एसिड अटैक का शिकार होने हर स्थिति में पीड़ित को ये सुविधा मिलेगी।
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने जानकारी दी है कि दिल्ली में औसतन 8 हजार सड़क हादसे सालाना होते हैं और इन दुर्घटनाओं में चोटिल होने वाले लोगों की संख्या एक अनुमान के मुताबिक करीब 20 हजार होती है। डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान चली जाती है। आपको बता दें कि दिल्ली में देश के किसी भी महानगर से ज्यादा वाहन हैं और देश के चार महानगरों में चलने वाली गाड़ियों की कुल संख्या से ज्यादा सिर्फ दिल्ली की गाड़ियों की है। गाड़ियों की बड़ी संख्या के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी संख्या भी दिल्ली की सड़कों को असुरक्षित बनाती हैं।
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अब दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने एक्सीडेंट विक्टिम पॉलिसी को मंजूरी दे दी है, जिसपर एलजी की मुहर अगर लगी तो इसे लागू कर दिया जाएगा। आम तौर पर ये देखा जाता है कि सड़क पर दुर्घटना होती है तो पुलिस या मददगार घायल को किसी सरकारी अस्पताल में ही भर्ती कराते हैं, क्योंकि प्राइवेट अस्पतालों में भारी-भरकम पैसा देना होता है और अनजान घायल उस पैसे को दे पाने की स्थिति में होगा या नहीं, उस वक्त इसका अंदाजा नहीं लग पाता। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने इस पॉलिसी में ये प्रावधान किया है कि अगर घायल को किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाता है तो भी उसके इलाज का पूरा खर्च वो वहन करेगी और सरकारी अस्पताल में तो पहले से निशुल्क इलाज की व्यवस्था है ही।
वेब डेस्क, IBC24