चेन्नई, 25 मई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने सोमवार को पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि यौन अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज किए जायें, उनकी तेजी से जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के यौन उत्पीड़न एवं उसकी निर्मम हत्या की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि जघन्य अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और आरोपियों को कठोर दंड दिलाया जाए।
यह बैठक टीवीके सरकार के तहत कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्ष की आलोचना के बीच हुई है। मुख्य विपक्षी दल द्रमुक सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने हाल के समय में हुई हत्याओं और यौन अपराधों की बढ़ती घटनाओं को लेकर टीवीके सरकार पर तीखा हमला किया है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में मुकदमों की सुनवाई तेज की जाए। साथ ही एहतियाती उपाय और जन-जागरूकता भी की जाए।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों से कहा, “यौन उत्पीड़न के मामलों की त्वरित सुनवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए, ताकि यह दूसरों के लिए भी निवारक साबित हो।”
रविवार को मुख्यमंत्री ने फोन पर उस बच्ची के परिवार से बात की जिसकी कोयंबटूर में यौन उत्पीड़न के बाद हत्या कर दी गई थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
कोयंबटूर के सुलूर में बच्ची के यौन उत्पीड़न और उसकी निर्मम हत्या की इस घटना ने पूरे तमिलनाडु में आक्रोश पैदा कर दिया है। विपक्ष के हंगामे के बाद मुख्यमंत्री विजय ने शनिवार को सख्त कार्रवाई का वादा किया था।
इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बच्ची का एक परिचित भी शामिल है।
बैठक में मुख्य सचिव एम. साईकुमार, गृह सचिव के. मणिवासन, महाधिवक्ता विजय नारायण, सामाजिक कल्याण एवं महिला अधिकार विभाग की सचिव मरियम पल्लवी बलदेव और पुलिस महानिदेशक संदीप रॉय राठौड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भाषा रंजन वैभव
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