इंफाल, 25 मई (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में शांति बनाए रखने के वास्ते पुलिस बल को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने लोगों से हिंसक आंदोलनों से दूर रहने का आग्रह किया। राज्य में लगभग तीन वर्षों से जातीय हिंसा देखी जा रही है।
राज्य पुलिस के लिए 477 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एक मजबूत पुलिस बल के बिना मणिपुर में शांति लाना मुश्किल होगा।
सिंह ने कहा, ‘मणिपुर पुलिस के कर्मियों ने राज्य में हिंसा को नियंत्रित करने और रोकने में बड़ी जिम्मेदारी निभाई और यहां तक कि अपने प्राणों की आहुति भी दी। सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य सभी सुरक्षा एजेंसियों ने भी राज्य में हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने में समान जिम्मेदारी निभाई।’
मई 2023 से लेकर अब तक मैइती और कुकी-ज़ो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में बम हमले में दो बच्चों की मौत के बाद हुए आंदोलन के दौरान, ऐसे मामले सामने आए जब कुछ युवाओं ने शांतिपूर्ण रैलियां करने और बातचीत करने के बजाय सुरक्षा बलों को निशाना बनाया। मैं सभी से हिंसक गतिविधियों में शामिल न होने की अपील करता हूं।’
बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा, ‘आज प्रथम मणिपुर पुलिस परेड ग्राउंड में गृह मंत्री के. गोविंदास सिंह, विधायकों, गृह आयुक्त, डीजीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में 477 पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।’
उन्होंने कहा कि मणिपुर पुलिस के लिए खरीदे गए ये वाहन पुलिस आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा हैं।
भाषा तान्या वैभव
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