आईआरएस अधिकारी की बेटी से बलात्कार और हत्या के मामले में घटनाक्रम को समझने की प्रक्रिया अपनाई गई

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आईआरएस अधिकारी की बेटी से बलात्कार और हत्या के मामले में घटनाक्रम को समझने की प्रक्रिया अपनाई गई

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  • Publish Date - April 25, 2026 / 10:27 PM IST,
    Updated On - April 25, 2026 / 10:27 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) दक्षिण दिल्ली में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के वरिष्ठ अधिकारी की 22-वर्षीय बेटी से कथित बलात्कार और हत्या के मामले में शनिवार को घटनाक्रम को समझने की प्रक्रिया अपनाई गई। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच के तहत जांचकर्ता घटना की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं और इसी सिलसिले में वारदात स्थल का व्यापक निरीक्षण किया गया।

सूत्रों ने बताया कि लड़की के पास से चुराया गया एक आईफोन पार्क से बरामद हुआ है, जबकि बलात्कार से जुड़े पहलू की जांच के लिए आरोपी का परीक्षण किया गया है।

सूत्रों ने कहा, “अपराध जांच और फॉरेंसिक टीम ने दो घंटे से अधिक समय तक घर के अंदर घटना से संबंधित कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।”

उन्होंने बताया कि घर की घेराबंदी कर दी गई और उसके अंदर एवं आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।

उल्लेखनीय है कि बुधवार सुबह दक्षिण पूर्वी दिल्ली के कैलाश हिल्स इलाके में एक घर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकी और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा की तैयारी कर रही 22-वर्षीय युवती से बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में आरोपी राहुल मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो घर में पहले घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस आरोपी की मानसिक स्थिति और व्यवहार का आकलन करने के लिए उसका विस्तृत मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराने की योजना बना रही है।

एक सूत्र के अनुसार, मीणा ऑनलाइन सट्टेबाजी और “तीन पत्ती” जैसे खेलों का आदी था और पिछले कुछ महीनों में सात लाख रुपये से अधिक धनराशि हार चुका था, इसी वजह से वह सट्टेबाजी के लिए बार-बार उधार लेता था।

सूत्रों के अनुसार, मीणा को वित्तीय गड़बड़ी के कारण घरेलू सहायक के काम से हटा दिया गया था, जिसके बाद वह अपने गांव लौट गया और अपने माता-पिता को बताया कि उसने नौकरी छोड़ दी है।

सूत्रों ने बताया, “उसने कभी यह नहीं बताया कि उसे निकाला गया है।”

पूछताछ करने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उसने बिल्कुल भी पछतावा जाहिर नहीं किया और कहा कि आक्रोश के कारण उसने हत्या की।

अधिकारी के मुताबिक, उसने पुलिस से कहा, “अगर दीदी (पीड़िता) पैसे दे देती तो ऐसा नहीं होता। चोरी करने का अफसोस नहीं, लेकिन मारना नहीं चाहिए था, (लेकिन यह सब) हो गया।”

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद भी उसका व्यवहार असामान्य रूप से शांत था और उसने कोई पछतावा जाहिर नहीं किया।

एक सूत्र ने कहा, “पूछताछ के दौरान वह काफी सामान्य और चिंतामुक्त था। ऐसा लग रहा था जैसे सब कुछ सामान्य हो। आमतौर पर कोई व्यक्ति जघन्य हत्या के बाद चिंता, आक्रोश, बेचैनी या पछतावा जाहिर करता है, लेकिन मीणा बिल्कुल सामान्य था।”

इस बीच, आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और वारदात से पहले उसकी गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की हिरासत सोमवार को खत्म होगी और उसे फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।

एक सूत्र ने कहा, “हम अदालत से उसकी पुलिस हिरासत चार दिन बढ़ाने का अनुरोध करेंगे, क्योंकि हमें अलवर में हुए अपराध से लेकर दिल्ली में हुए अपराध तक आरोपी से जुड़ी सभी जानकारी जुटानी है।”

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने दिल्ली जाने से पहले अलवर के राजगढ़ में अपने एक दोस्त की पत्नी से दुष्कर्म किया था।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश