पिछले 10 साल में 1.88 लाख हेक्टेयर वन भूमि का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए किया गया: कीर्तिवर्धन

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पिछले 10 साल में 1.88 लाख हेक्टेयर वन भूमि का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए किया गया: कीर्तिवर्धन

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  • Publish Date - July 20, 2026 / 10:07 PM IST,
    Updated On - July 20, 2026 / 10:07 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने सोमवार को संसद को बताया कि एक अप्रैल, 2016 से 31 मार्च, 2026 के बीच वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम के तहत 1.88 लाख हेक्टेयर से अधिक वन भूमि का इस्तेमाल औद्योगिक परियोजनाओं सहित अन्य कार्यों के लिए किया गया।

ऐसी कुल वन भूमि का क्षेत्रफल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से भी ज़्यादा है, जो लगभग 1.48 लाख हेक्टेयर में फैला है।

सिंह ने लोकसभा में कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद के एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ‘‘इंडिया स्टेट ऑफ़ फ़ॉरेस्ट रिपोर्ट, 2023’’ के अनुसार, देश में कुल वन और पेड़ों का दायरा बढ़कर 8,27,357.95 वर्ग किलोमीटर हो गया है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 25.17 प्रतिशत है।

इस प्रकार 2021 की तुलना में, कुल वन एवं पेड़ों के दायरे में 1,445.81 वर्ग किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, अलग-अलग क्षेत्र की परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी देने में औसतन 57 दिन लगे, जबकि पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 में इसके लिए 105 दिन की समय-सीमा तय की गई है।

सिंह ने कहा कि पर्यावरण मंजूरी देने की प्रक्रिया में तेजी के लिए, मंत्रालय ने हाल ही में कई सुधार किए हैं। इनमें परिवेश पोर्टल का उन्नयन करना, पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना में बदलाव करना शामिल हैं।

भाषा अविनाश सुरेश

सुरेश