नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कर्नाटक में सिंचाई परियोजनाओं के कारण वनों का आकार सिकुड़ने की वजह से भोजन के लिए जंगली हाथियों द्वारा मानवीय बस्तियों में आकर उत्पात करने से कई लोगों की जान जाने का मुद्दा उठाया।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर उच्च सदन में चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने यह मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार से इस समस्या का समाधान निकालने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई इलाकों में जंगली हाथी भोजन की तलाश में गांवों में घुस आते हैं और उत्पात मचाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में आये दिन ऐसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि इसका कारण सिंचाई परियोजनाओं के कारण वनों की भूमि डूब क्षेत्र में बदल रही है।
देवेगौड़ा ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की वर्तमान सरकार उन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रही है जिन्हें पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के शासनकाल में शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भारत के महा अंकेक्षक की रिपोर्ट में कड़ी टिप्पणियां की गयी हैं।
भाषा माधव अविनाश
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