प.एशिया में गैस केंद्रों पर हमलों की भारत की निंदा; फ्रांस, ओमान, मलेशिया के नेताओं से मोदी की बात

प.एशिया में गैस केंद्रों पर हमलों की भारत की निंदा; फ्रांस, ओमान, मलेशिया के नेताओं से मोदी की बात

प.एशिया में गैस केंद्रों पर हमलों की भारत की निंदा; फ्रांस, ओमान, मलेशिया के नेताओं से मोदी की बात
Modified Date: March 19, 2026 / 08:45 pm IST
Published Date: March 19, 2026 8:45 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में गैस भंडारण केंद्रों पर ताजा हमलों से उत्पन्न चिंताओं के बीच भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसे हमले ‘‘अस्वीकार्य हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए’’।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओमान, फ्रांस और मलेशिया के शीर्ष नेताओं से बात भी की तथा अस्थिर क्षेत्र में तत्काल शांति बहाल करने पर जोर दिया।

भारत ने इन हमलों को अंत्यंत परेशान करने वाला बताया और कहा कि ये पहले से ही अनिश्चितता से गुजर रहे वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक अस्थिर करेंगे।

ईरान ने अपने साउथ पार्स गैस क्षेत्रों पर इजराइल के हमलों के जवाब में रास लाफान में कतर के एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) केंद्र सहित पश्चिम एशिया के कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है।

कतर भारत की करीब 40 प्रतिशत एलएनजी जरूरत की पूर्ति करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत ने इससे पहले पूरे क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे, जिसमें ऊर्जा बुनियादी ढांचा भी शामिल है, को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत परेशान करने वाले हैं और पहले से ही अनिश्चितता से गुजर रहे वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक अस्थिर करेंगे।’’

जायसवाल ने कहा, ‘‘ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए।’’

नये सिरे से हमलों के बीच वैश्विक ईंधन के दाम तेजी से बढ़ गए हैं और कच्चे तेल का मूल्य 115 प्रति बैरल तक पहुंच गया है।

पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम से बात की तथा उनके साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

मोदी ने क्षेत्र में संघर्ष को कम करने और उसके बाद शांति एवं स्थिरता बहाल करने का समर्थन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति, ओमान के सुल्तान और मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ टेलीफोन पर हुई अलग-अलग बातचीत में, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर, और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम क्षेत्र और उससे परे शांति एवं स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने को उत्सुक हैं।’’

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने ओमानी सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ सार्थक बातचीत की और ओमान के लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं।

मोदी ने कहा, ‘‘हम (क्षेत्र में) तनाव कम करने और उसके बाद शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर सहमत हुए।’’

प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

इब्राहिम के साथ बातचीत में, मोदी ने ईद को लेकर अपने मलेशियाई समकक्ष और मलेशिया के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पश्चिम एशिया में बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।’’

अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू करने और उसके जवाब में ईरान द्वारा कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये जाने के बाद से, ओमान के सुल्तान के साथ मोदी ने दूसरी बार बातचीत की।

संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, इजराइल और ईरान सहित विश्व के कई नेताओं से भी बात की है।

भाषा

वैभव सुरेश

सुरेश


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