बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर भारत की नजर, मुद्दा ढाका के समक्ष उठाया गया: सरकार

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर भारत की नजर, मुद्दा ढाका के समक्ष उठाया गया: सरकार

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 05:30 PM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 05:30 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों की घटनाओं पर लगातार नजर रखे हुए है और इस मुद्दे को ढाका के अधिकारियों के समक्ष “निरंतर” उठाया गया है।

राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि भारत की अपेक्षा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन घटनाओं की “गहन जांच” करे और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हत्याओं, आगजनी और हिंसा में शामिल सभी दोषियों को “बिना किसी बहाने के” न्याय के कटघरे में लाए।

माकपा के सदस्य जॉन ब्रिटास ने विदेश मंत्रालय से यह पूछा था कि क्या सरकार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों, हत्याओं, आगजनी और धमकी की घटनाओं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति में गिरावट की रिपोर्टों का संज्ञान लिया है और पिछले दो वर्षों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश सरकार के समक्ष भारत ने क्या औपचारिक तर्क दिए हैं।

अपने उत्तर में सिंह ने कहा, “भारत सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों की घटनाओं पर नजर रखे हुए है। इन हमलों में उनके घरों, संपत्तियों, व्यवसायों और पूजा स्थलों पर हमले शामिल हैं। भारत ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर कई अवसरों पर बांग्लादेश के अधिकारियों के समक्ष उठाया है।”

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री ने चार अप्रैल 2025 को बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के साथ अपनी बैठक में उठाया था, जबकि विदेश मंत्री ने 16 फरवरी 2025 को विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन के साथ बैठक में इस पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि अन्य विदेशी प्रतिनिधियों के साथ प्रासंगिक वार्ताओं में भी यह विषय उठाया गया है।

सिंह ने कहा, “भारत सरकार की यह अपेक्षा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन घटनाओं की पूरी तरह जांच करे और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हत्याओं, आगजनी और हिंसा के सभी दोषियों को बिना किसी बहाने न्याय के दायरे में लाए। बांग्लादेश में सभी नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की है।”

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार द्वारा हिंदुओं पर हमलों को लेकर दिए गए हालिया बयान पर भारत के रुख के बारे में पूछा गया था। इसे जवाब में सिंह ने कहा कि अंतरिम सरकार की, अल्पसंख्यकों पर हमलों को व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक मतभेद या अन्य बाहरी कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति “चिंताजनक” है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान चरमपंथियों और अपराधियों का हौसला बढ़ाते हैं और अल्पसंख्यकों के बीच भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा करते हैं।

सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यकों से जुड़ी घटनाओं को लेकर भारत की चिंताओं और संवेदनशीलताओं को बांग्लादेश सरकार तक, उच्चतम राजनीतिक स्तर पर भी, स्पष्ट रूप से पहुंचाया गया है।

भाषा मनीषा माधव

माधव