Vande Bharat: भारत-पाक बातचीत, कितने हिमायती? ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद खुला ‘वार्ता’ का मोर्चा, क्या सिंधु का पानी बनेगा जंग की वजह?

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India-Pakistan News: भारत-पाकिस्तान के बीच जारी कड़वाहट के बीच अब रिश्ते सुधारने की एक नई कोशिश भी सामने आई है।

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 12:13 AM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 12:14 AM IST

India-Pakistan News/Image Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • भारत-पाकिस्तान के बीच जारी कड़वाहट के बीच अब रिश्ते सुधारने की एक नई कोशिश भी सामने आई है।
  • भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 प्रमुख हस्तियों ने पीएम मोदी और शाहबाज शरीफ को संयुक्त पत्र लिखा है।

India-Pakistan News: नई दिल्ली: 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंक के ठिकानों को तबाह किया और इसके साथ ही 1960 की सिंधु जल संधि को भी स्थगित कर पाकिस्तान पर वाटर स्ट्राइक किया।

भारत के इस फैसले के बाद पाकिस्तान पहले दिन से बौखलाया हुआ है। अब इसमें लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। पहले रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान की जल सुरक्षा खतरे में पड़ी तो जंग छिड़ सकती है। अब जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने धमकी देते हुए कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की, तो उन हाथों को काट देंगे। (India-Pakistan News) वहीं सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि सिंधु जल संधि अब भी कानूनी रूप से लागू है और भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता।

दोनों देशों के बीच जारी कड़वाहट के बीच अब रिश्ते सुधारने की एक नई कोशिश भी सामने आई है। भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 प्रमुख हस्तियों, यानी कुल 117 लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त पत्र लिखा है। इनमें भारत से फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मनोज झा और पाकिस्तान की तरफ से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी जैसे नाम शामिल हैं। (India-Pakistan News)  पत्र में कहा गया है कि लगातार बढ़ती दुश्मनी दक्षिण एशिया के विकास, स्थिरता और आम लोगों के हितों के लिए नुकसानदेह है।

लेटर में जिन बातों पर जोर दिया गया है..उनमें

भारत-पाक वार्ता फिर शुरु करने की बात कही गई है..
जिसमें J&K समेत सभी मुद्दों पर संवाद शामिल है..
इसके अलावा सैन्य तनाव कम हो, अमन रहे..
वीजा और हवाई सेवाएं बहाल हों..
व्यापार और सांस्कृतिक रिश्ते शुरू हों..
क्रिकेट और खेल सीरीज फिर शुरू हों..
हाई कमिश्नर की नियुक्ति हो..
अटारी-वाघा, बस सेवा और करतारपुर कॉरिडोर सुचारु रुप से शुरु करने की अपील की गई है

India-Pakistan News: यानी एक तरफ धमकियां हैं..जंग की चेतावनियां हैं और दूसरी तरफ शांति की अपील। अब सवाल यही है कि क्या आतंकवाद और अविश्वास की गहरी खाई के बीच बातचीत की ये नई पहल दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघला पाएगी, या फिर सिंधु का पानी आने वाले दिनों में भारत-पाक रिश्तों की सबसे बड़ी जंग की वजह बनेगा?

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