बैंकों ने 2017-18 में गंवाए 41,167 करोड़ रुपये: रिजर्व बैंक

Ads

बैंकों ने 2017-18 में गंवाए 41,167 करोड़ रुपये: रिजर्व बैंक

  •  
  • Publish Date - December 31, 2018 / 09:49 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:35 PM IST

बैंकों में धोखाधड़ी के मामलों में इस साल के कुल अमाउंट का 80 फीसदी हिस्सा है।पीएसयू बैंकों की अगर बात की जाये तो एक लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के 93 प्रतिशत मामले हुए, वहीं निजी बैंकों में धोखाधड़ी के छह 6 फीसदी मामले सामने आया।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2017-18 में धोखाधड़ी करने वालों ने बैंकिंग प्रणाली से 41,167.7 करोड़ रुपये लूटे हैं, जोकि पिछले साल 23,933 करोड़ रुपये से 72 प्रतिशत ज्यादा हैं। पिछले साल के 5,076 मामलों के मुकाबले 2017-18 में बैंक धोखाधड़ी के 5,917 मामले आए थे। रिजर्व बैंक के द्वारा ये जारी किया गया आंकड़ा ये बता रहा है कि धोखाधड़ी के मामले पिछले साल से लगातार बढ़ रहे है।

2013-14 में 10,170 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे। जिसकी तुलना में 2017-18 में यह आंकड़ा बढ़कर चार गुना हो गया है।50 करोड़ रुपये और उससे अधिक के बड़े अमाउंट के धोखाधड़ी के मामलों में इस साल के कुल अमाउंट का 80 फीसदी हिस्सा है। जोकि पीएसयू बैंकों में एक लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के 93 प्रतिशत मामले हुए जबकि निजी बैंकों की छह प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

यह भी पढ़ें : नगर पंचायत सीएमओ रिश्वत लेते गिरफ्तार, ठेकेदार से बिल पास करने मांगी थी रकम 

RBI ने माना है कि “धोखाधड़ी प्रबंधन में सबसे गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जिसका 90 प्रतिशत हिस्सा बैंकों के क्रेडिट पोर्टफोलियो में स्थित है”। RBI के अनुसार, बड़े अमाउंट के धोखाधड़ी के तौर-तरीकों में कर्जदारों से बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र के ऋणदाताओ ने चालू खाते खोल दिए गए, इसके साथ थर्ड पार्टी संस्थाओं द्वारा उनकी कमी और धोखाधड़ी वाली सेवाएं को सही तरीके से पहचान नहीं की गई

ये भी पढ़ें – नए मंत्रियों के बंगले का आबंटन,ताम्रध्वज को मिला अजय चंद्राकर का बंगला,टीएस रहेंगे मूणत निवास में

इसके बाद फरवरी 2018 में, RBI ने भारतीय बैंक संघ (IBA) को उचित डेटा सुरक्षा और नियंत्रण उपायों के साथ IT के सक्षम कर्मचारियों को बुनियादी ढांचा बढ़ाने के लिए कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिया गया।

वेब डेस्क
IBC24