Indian Evacuation From Iran || Image- ANI News File
नई दिल्ली: ईरान में जारी भीषण हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच फंसे भारतीय छात्रों का दूसरा जत्था सुरक्षित भारत लौट आया है। केंद्र सरकार के प्रयासों से अब तक 200 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या जम्मू और कश्मीर के छात्रों की है। (Indian Evacuation From Iran) इस निकासी से देशभर के सैकड़ों परिवारों ने राहत की सांस ली है।
मंगलवार रात यह समूह दुबई और शारजाह से एयर इंडिया की उड़ानों के जरिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा। अधिकतर यात्राएं निजी खर्च पर की गई। गौरतलब है कि ईरान में जारी प्रदर्शनों में अब तक 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लौटकर आए छात्रों ने वहां के हालात को बेहद भयावह बताया। एक मेडिकल छात्र ने कहा कि विरोध प्रदर्शन हर जगह फैले हुए थे और गोलियों की आवाजें सुनाई देती थीं। जनवरी के मध्य में ईरान द्वारा अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद किए जाने और अज़रबैजान व मस्कट के रास्ते उड़ानें रद्द होने के कारण कई छात्र लंबे समय तक फंसे रहे।
विदेश मंत्रालय ने पहले ही ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों, खासकर छात्रों को, जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें अधिकांश छात्र हैं। मंत्रालय ने उन्हें सभी उपलब्ध साधनों से सुरक्षित बाहर निकलने को कहा है। स्थिति को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने विशेष हेल्पलाइन और ईमेल सेवा भी शुरू की है, ताकि वहां फंसे भारतीय नागरिक सहायता प्राप्त कर सकें। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब ईरान में लगभग पूरी तरह डिजिटल ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि 2025 की शुरुआत में ईरानी रियाल के ऐतिहासिक पतन के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। बढ़ती महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में 50 से 70 प्रतिशत तक की वृद्धि और सरकार के खिलाफ गुस्से ने हालात को और गंभीर बना दिया। (Indian Evacuation From Iran) सुरक्षा बलों की सख्ती, गोलीबारी और इंटरनेट बंद किए जाने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी को मानवीय और कूटनीतिक दोनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा है। सरकार ने विदेश में रहने वाले भारतीयों से अपील की है कि वे दूतावास में पंजीकरण कराएं और यात्रा संबंधी सलाहों का पालन करें। फिलहाल सरकार का फोकस संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे हर भारतीय नागरिक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर है।