जम्मू, 15 फरवरी (भाषा) उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विश्व भर में गहराते आर्थिक एवं रणनीतिक विभाजन के बीच रविवार को कहा कि भारत का शाश्वत सभ्यतागत ज्ञान शांति, सद्भाव और सामूहिक कल्याण में निहित एकता का दृष्टिकोण प्रदान करता है।
सिन्हा ने लोगों से सामाजिक परिवर्तन के लिए शक्ति का इस्तेमाल करने और एक समृद्ध भारत के लिए खाका तैयार करने का आग्रह किया जो दुनिया के लिए मार्गदर्शक बने।
उपराज्यपाल संत कबीर के 508वें निर्वाण दिवस के अवसर पर शिरोमणि संत कबीर भवन द्वारा जम्मू के पास चक अवतारा बिश्ना में आयोजित स्मृति कार्यक्रम में बोल रहे थे।
सिन्हा ने कहा, ‘भारत की सबसे बड़ी ताकत तकनीक और परंपरा, माइक्रोचिप और मंत्रों में महारत हासिल करने की उसकी क्षमता है। हमारी प्राचीन जड़ें और डिजिटल शाखाएं, आधुनिक उपकरण एवं प्राचीन ऋषियों के शाश्वत मूल्य 21वीं सदी की सफलता और समृद्धि के लिए एक आदर्श खाका हैं।’
उन्होंने कहा, ‘भारत अपनी महान संत परंपरा और शाश्वत मूल्यों के माध्यम से विश्व को शांति और समृद्धि की ओर मार्गदर्शन करने के लिए आगे बढ़ रहा है।’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का शाश्वत मंत्र ‘वसुधैव कुटुंबकम’ आज अभूतपूर्व रूप से प्रासंगिक है।
भाषा शुभम रंजन
रंजन