भुवनेश्वर, आठ मार्च (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सभी महिलाओं और पूरे देश का अपमान है।
माझी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आरोप लगाया कि जब भारत की प्रथम नागरिक द्रौपदी मुर्मू नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने पश्चिम बंगाल गईं, तो बंगाल सरकार ने उनका अपमान किया।
संथाल समुदाय से ताल्लुक रखने वाले माझी ने कहा, “उनका (राष्ट्रपति मुर्मू का) अभिनंदन तो दूर की बात है, न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई राज्य मंत्री उनका स्वागत करने गए। राष्ट्रपति का अपमान हर महिला और पूरे देश का अपमान है।”
मुर्मू ने शनिवार को उत्तर बंगाल के दौरे के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में आदिवासियों के विकास की धीमी गति पर सवाल उठाया और आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या मुख्यमंत्री ‘नाराज’ हैं क्योंकि न तो वह और न ही कोई राज्य मंत्री उनका स्वागत करने के लिए उपस्थित थे।
माझी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को ‘असंवेदनशील’ करार दिया और कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार ने जिस तरह से राष्ट्रपति का अपमान किया, राज्य के सभी राजनीतिक दलों को एक स्वर में इसकी निंदा करनी चाहिए। यह लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है।”
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “रायरंगपुर से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचीं द्रौपदी मुर्मू जी हमारी धरती की पुत्री हैं, जो लाखों लोगों की आकांक्षाओं और गौरव का प्रतिनिधित्व करती हैं। संथाल समुदाय की सदस्य होने के नाते, पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार की इस अपमानजनक कार्रवाई ने मुझे और पूरे ओडिया समुदाय को गहरी पीड़ा व दुख पहुंचाया है।”
माझी ने कहा कि कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव को महज ‘दिक्कतों’ का बहाना बनाकर खारिज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां गंभीर चिंताएं उत्पन्न करती हैं और एक दुर्भाग्यपूर्ण संदेश देती हैं, खासकर तब-जब राष्ट्रपति स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होने वाली थीं।
पश्चिम बंगाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति का कार्यक्रम पहले फांसिदेवा में होना था लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए इसे बाद में बागडोगरा हवाई अड्डे से कुछ किलोमीटर दूर बिधाननगर के ‘उत्तराण टाउनशिप’ के पास एक स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।
पुरी से भाजपा सांसद संबित पात्रा ने भी पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति के प्रति कथित अनादर का विरोध किया।
पात्रा ने कहा, “मुर्मू ओडिशा व आदिवासी समुदाय का गौरव हैं। पश्चिम बंगाल में उनके साथ किए गए व्यवहार का मैं विरोध करता हूं, जो उचित नहीं है।”
भाषा जितेंद्र नरेश
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