नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) भारतीय महिला प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मीडिया में महिलाओं के लिए सुरक्षित, समान अवसर मुहैया कराने वाला और सशक्त बनाने वाला माहौल सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
महिला पत्रकारों के इस संगठन ने एक बयान में कहा कि आज के दिन यह संगठन भारत में, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में विविध क्षेत्रों और भाषाओं में मीडिया में कार्यरत महिलाओं के उल्लेखनीय योगदान का जश्न मनाता है,।
आईडब्ल्यूपीसी ने कहा, ‘‘इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम मीडिया में महिलाओं के लिए सुरक्षित, समान अवसर वाले और सशक्त बनाने वाले माहौल का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम उनकी उपलब्धियों को सलाम करते हैं, उनके संघर्षों को समझते हैं और ऐसे मीडिया परिदृश्य को आगे बढ़ाने में उनके साथ खड़े हैं, जो वास्तव में सभी की आवाज और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करता हो।’’
उसने कहा कि इस जटिल और लगातार बदलती दुनिया में महिलाओं की बात सुना जाना महत्वपूर्ण है और जिन एजेंडों से नीतियां, व्यवस्थाएं और वास्तव में दुनिया आकार लेती है, उनमें महिलाओं की भागीदारी होनी चाहिए।
बयान में कहा गया कि महिला पत्रकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखती हैं, समुदायों को आवाज देती हैं।
संगठन ने कहा कि महिला पत्रकारों, संपादकों, निर्माताओं एवं फोटोग्राफर ने मीडिया परिदृश्य को मजबूत करने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।
उसने कहा, ‘‘अपने साहस, पेशेवराना रवैये और सच के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से उन्होंने जटिल परिस्थितियों में महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा है…।’’
बयान में कहा गया कि एक ऐसे क्षेत्र में, जहां अक्सर संरचनात्मक बाधाओं और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बीच धैर्य की आवश्यकता पड़ती है, भारतीय मीडिया में महिलाओं ने असाधारण नेतृत्व और ईमानदारी का परिचय दिया है।
आईडब्ल्यूपीसी ने कहा कि डिजिटल युग में जब भारत का मीडिया परिवेश बदल रहा है, तो निष्पक्षता, जवाबदेही एवं विविधता के सिद्धांतों को कायम रखने के लिए महिलाओं की मौजूदगी और नेतृत्व आवश्यक बने हुए हैं।
उसने कहा, ‘‘मीडिया में महिलाएं यह भूमिका निभाने के लिए उपयुक्त स्थिति में हैं और सशक्त हैं। आइए, हम आज और हर रोज, मीडिया में महिलाओं की शक्ति का समर्थन करना जारी रखें और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्तिगत और पेशेवर क्षेत्रों में महिलाओं को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।’’
भाषा
सिम्मी दिलीप
दिलीप