Jahazpur News | Photo Credit: IBC24 Customize
जहाजपुर: Jahazpur News कहा जाता है कि एक पिता के लिए उसकी बेटी ही उसका पूरा संसार होती है। वह अपनी लाडली के लिए हर खुशी, हर सपना संजोकर रखता है। लेकिन जब वही लाडली परिवार के मान-सम्मान और कुल की मर्यादा को सरेआम नीलाम कर दे, तो एक पिता की आत्मा किस कदर लहूलुहान होती है। इसका सीधा उदाहरण राजस्थान के जहाजपुर में देखने को मिला है। जहां एक युवती अपने मर्जी से दूसरे युवक से शादी रचा ली तो नाराज पिता ने अपनी बेटी को मृत समझकर उसका शोक संदेश छपवा दिया और अपनी संतान से सदा के लिए मोह भंग कर लिया।
Jahazpur News मिली जानकारी के अनुसार, मामला आमल्दा गांव का है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र सिंह कानावत ने अपनी पुत्री आकांक्षा (27) को बड़े अरमानों के साथ उच्च शिक्षा के लिए जयपुर भेजा था। पिता का सपना था कि बेटी पढ़-लिखकर कुल का नाम रोशन करेगी, लेकिन आकांक्षा ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध अन्य समाज के युवक के साथ नाता जोड़ लिया। पुलिस द्वारा दस्तियाब किए जाने के बाद थाने में पिता ने अपनी लाडली के सामने झोली फैलाकर उसे घर लौटने और परिवार की इज्जत बचाने की काफी मिन्नतें कीं, लेकिन आकांक्षा ने पिता के आंसुओं की कद्र न करते हुए युवक के साथ जाने का फैसला किया। इसी गहरी चोट ने पिता को यह कठोर निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया।
बेटी के अड़ियल रुख से आहत पिता ने अब उसे हमेशा के लिए त्याग दिया है। छपवाए गए शोक पत्र में आकांक्षा की फोटो के साथ 20 मार्च 2026 को उसका ‘स्वर्गवास’ दर्शाया गया है। इसमें 22 मार्च को तीये की बैठक और 31 मार्च को ब्रह्मभोज का कार्यक्रम घोषित किया गया है। बता दें कि पिता देवेंद्र सिंह जहाजपुर ब्लॉक कांग्रेस नेता है। शोक पत्र में पूरे परिवार का नाम भी लिखा गया है। पिता का यह कदम उन संतानों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है जो माता-पिता के त्याग और सामाजिक मर्यादा को दरकिनार कर अपनी राह चुन लेते हैं।
”युवती बालिग है। थाने में उसे परिजनों से मिलवाया गया और काफी समझाने का प्रयास भी हुआ, लेकिन वह युवक के साथ रहने पर अड़ी रही। कानूनन बालिग को उसकी मर्जी के साथ जाने की अनुमति है। दोनों ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है। परिजनों द्वारा शोक संदेश छपवाना उनका निजी और भावनात्मक निर्णय है,
एक पिता के लिए उसकी बेटी ही संसार होती है, लेकिन जब वही लाडली परिवार के मान-सम्मान और कुल की मर्यादा को सरेआम नीलाम कर दे, तो एक पिता की आत्मा किस कदर लहूलुहान होती है, इसका उदाहरण आमल्दा गांव में देखने को मिला। बेटी के समाज विरोधी फैसले से टूट चुके पिता देवेंद्र सिंह कानावत ने अपनी जीवित पुत्री आकांक्षा को ‘मृत’ मानकर उसका शोक संदेश छपवा दिया है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि एक स्वाभिमानी पिता ने लोक-लाज की खातिर अपनी ही संतान से सदा के लिए मोह भंग कर लिया।
संस्कारों की बलिहारी: जिस लाडली को पढ़ाया-लिखाया, उसने तोड़ी कुल की मर्यादा;
आहत पिता ने ‘जीते जी’ किया बेटी का त्याग, छपवाया शोक संदेश
एक पिता के लिए उसकी बेटी ही संसार होती है, लेकिन जब वही लाडली परिवार के मान-सम्मान और कुल की मर्यादा को सरेआम नीलाम कर दे, तो एक पिता की… pic.twitter.com/9vMMSKSQrz
— Manju (@cop_manjumeena) March 21, 2026