जम्मू, 25 अप्रैल (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे को लेकर कड़ी चेतावनी दी और इसे सीमा पार के ‘नार्को-टेरर नेटवर्क’ से जोड़ा, जिसका उद्देश्य समाज को अस्थिर करना और युवाओं को निशाना बनाना है।
सांबा में 100 दिवसीय ‘नशा मुक्त अभियान’ में भाग लेते हुए उन्होंने कहा, ‘मादक पदार्थों के इस गंभीर संकट को पड़ोसी देश द्वारा आतंकवाद को वित्त पोषित करने और सामाजिक विघटन पैदा करने के लिए सुनियोजित रूप से बढ़ावा दिया गया।’
उन्होंने इस संकट को आतंकवाद और सामाजिक विघटन को बढ़ावा देने का जानबूझकर किया गया प्रयास बताते हुए कानूनों को सख्ती से लागू करने और इस खतरे को खत्म करने के लिए एक सतत जन-प्रेरित अभियान चलाने का आग्रह किया।
सांबा में भारी जनसमूह एकत्रित हुआ, क्योंकि समाज के सभी क्षेत्रों से जुड़े लोग ‘नशा मुक्त अभियान’ का समर्थन करने के लिए एक साथ आए और समाज से नशे की बुराई को खत्म करने का संकल्प लिया।
उपराज्यपाल ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैंने बार बार यही कहा है कि यह 100 दिवसीय अभियान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और यह इस बात का प्रमाण होगा कि जब लोग एकजुट होकर आगे आते हैं, तो वे इतिहास बदल सकते हैं।’’
सिन्हा ने 11 अप्रैल को ‘नशा मुक्त अभियान’ की शुरुआत के उपलक्ष्य में जम्मू के मध्य में स्थित एमए स्टेडियम से परेड ग्राउंड तक पदयात्रा का नेतृत्व किया। पिछले पखवाड़े में उन्होंने इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में रैलियों का नेतृत्व किया।
पिछले दो हफ्तों में जम्मू कश्मीर में चलाए गए एक बड़े अभियान में अधिकारियों ने कई सरगनाओं सहित मादक पदार्थों के कई तस्करों को गिरफ्तार किया और कुख्यात तस्करों से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक आवासीय संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि ‘नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान’ का निरंतर ऑडिट करना आवश्यक है। उन्होंने जिले के अधिकारियों और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों को साप्ताहिक मार्च व कार्यक्रमों की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
सिन्हा ने नागरिकों को आश्वासन देते हुए कहा, ‘अगले 85 दिनों तक हमें इस अभियान की ऊर्जा को बनाए रखना होगा, केंद्र शासित प्रदेश के हर घर तक पहुंचना होगा और उन्हें मादक पदार्थों के खतरों के प्रति आगाह करना होगा। सहभागिता, गति और ऊर्जा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि नशा किसी व्यक्ति की समस्या नहीं है; यह एक सामाजिक संकट है।’ उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
भाषा
शुभम माधव रंजन
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