(तस्वीरों के साथ)
जम्मू, 11 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल गिरोह को ध्वस्त करने के लिए कानून की पूरी ताकत का इस्तेमाल करने की बात कही।
सिन्हा ने आरोपियों की संपत्ति जब्त करने, उनके आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को रद्द करने सहित अन्य व्यापक दंडात्मक उपायों की घोषणा की।
जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने के लिए 100 दिनों के गहन अभियान की शुरुआत करते हुए उपराज्यपाल ने एमए स्टेडियम से परेड ग्राउंड तक पदयात्रा का नेतृत्व किया।
इस दौरान सिन्हा ने कहा, ‘‘हमारा पड़ोसी सीमा पार तस्करी का इस्तेमाल हमारे समुदायों को जहर देने और हमारे राष्ट्र के भविष्य को कमजोर करने के लिए कर रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हर अधिकारी का एक ही दायित्व है- यह अब रुकना ही चाहिए। अब कानून की पूरी ताकत का इस्तेमाल तस्करों के खिलाफ किया जाएगा। उनके गिरोह को बिना किसी देरी के ध्वस्त कर दिया जाएगा।’’
उपराज्यपाल ने मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ निर्णायक और सख्त कार्रवाई का वादा किया।
सिन्हा ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की संपत्ति जब्त की जाएगी, सरगनाओं पर मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें तुरंत सजा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ नई मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया के तहत मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल तस्करों के पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार नंबर और हथियार लाइसेंस रद्द करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
सिन्हा ने कहा कि आरोपियों के फरार होने पर उनके खिलाफ तुरंत लुकआउट सर्कुलर जारी किया जाएगा।
सिन्हा ने कहा, ‘‘इसके अतिरिक्त, स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत उनकी चल और अचल संपत्तियों को जब्त किया जाएगा, बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे और वित्तीय जांच शुरू की जाएगी।’’
भाषा संतोष पवनेश
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