जमशेदपुरः करणी सेना के नेता की मौत के बाद पुलिस ने सतर्कता बढ़ाई, निषेधाज्ञा लागू

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जमशेदपुरः करणी सेना के नेता की मौत के बाद पुलिस ने सतर्कता बढ़ाई, निषेधाज्ञा लागू

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 04:50 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 04:50 PM IST

जमशेदपुर, एक जुलाई (भाषा) झारखंड के जमशेदपुर में कथित छेड़छाड़ के विरोध के दौरान हुई मारपीट और हमले में करणी सेना के स्थानीय नेता की मौत के बाद हिंसक प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने बुधवार को कुछ इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पार्टी शुक्रवार को शहर बंद का आह्वान करेगी।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार के शासन में राज्य में आपराधिक गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एक बार में कथित छेड़छाड़ का विरोध करने के दौरान शनिवार को हुई मारपीट व हमले में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह (28) घायल हो गए थे। चोटों के कारण सिंह की मौत हो गई, जिसके बाद सोमवार रात बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

हिमांशु के एक मित्र पर भी चाकू से हमला किया गया था और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

शनिवार रात बार में दो युवकों द्वारा कथित छेड़छाड़ का विरोध करने पर विवाद शुरू हुआ और मारपीट हो गई।

पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया और दोनों युवकों को अपनी गाड़ी में बैठा लिया हालांकि, हमलावरों ने सिंह और उनके मित्र को गाड़ी से बाहर खींच लिया और उन पर चाकू से हमला कर दिया।

करणी सेना के नेता के परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और सोमवार रात कहा था कि प्रशासन 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करे तथा उस समय मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई करे, जब हिमांशु पर चाकू से हमला किया गया था।

धालभूम के उप-मंडलाधिकारी (एसडीओ) अर्नव मिश्रा ने बुधवार को 48 घंटे की समयसीमा समाप्त होने और अधिक विरोध प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर शहर के साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, मानगो और एमजीएम थाना क्षेत्रों में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।

मिश्रा ने बुधवार को जारी एक अधिसूचना में बताया कि प्रशासन को हत्या के विरोध में सड़क जाम और प्रदर्शन होने की सूचना मिली है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

अधिसूचना में बताया गया कि अगले आदेश तक ये प्रतिबंध लागू रहेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुवर दास ने हिमांशु सिंह के परिवार से मुलाकात की और बाद में दावा किया कि जब आरोपी करणी सेना नेता और उनके मित्र पर पहले गश्ती वाहन के अंदर और फिर उन्हें बाहर खींचकर चाकू से हमला कर रहे थे, तब पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों करीब आधे घंटे तक दर्द से तड़पते रहे लेकिन पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने में कोई तत्परता नहीं दिखाई।

दास ने कहा कि भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और सिंह की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई।

उन्होंने झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार को ‘जनता की नहीं, बल्कि अपराधियों और माफिया की सरकार’ बताया।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है और राज्य में आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।

उन्होंने सिंह और उनके मित्र पर हमला करने वाले आरोपियों के आत्मसमर्पण नहीं करने की स्थिति में उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की।

सोमवार रात गुस्साई भीड़ ने, जिसमें मृतक के परिजन भी शामिल थे, बिष्टुपुर में करीब छह घंटे तक सड़क जाम की, जिससे यातायात बाधित हुआ।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार देर रात पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे और सरायकेला-खरसांव की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी को आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगा पाने को लेकर हटाने के आदेश दिए।

चाकूबाजी की घटना से जुड़े मामले में कथित लापरवाही के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

सोरेन की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दास ने कहा कि अगर सरकार यह कदम थोड़ा पहले उठाती तो अपराध की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था चिंता का विषय बन गई है।

वहीं, झामुमो प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री और पुलिस प्रमुख स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और राज्य सरकार की अपराध के प्रति इसे कतई बर्दाश्त नहीं करने नीति है।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश