रांची, छह अगस्त (भाषा) झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र बृहस्पतिवार को शुरू हुआ। इस दौरान भाजपा विधायकों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सांकेतिक विरोध के तौर पर मास्क पहनकर सदन में हिस्सा लिया।
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के मास्क पर एक संदेश छपा था जिसमें कथित गड़बड़ियों पर सरकार से जवाब की मांग की गई थी।
भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की।
सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए चली और हाल में दिवंगत हुई प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
सदन को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान छह से 12 अगस्त तक पांच कार्य दिवस होंगे और 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए पहला अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि सत्र की सभी बैठकें पूरी गंभीरता, अनुशासन और रचनात्मकता के साथ आयोजित की जाएंगी।’’
महतो ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ बहुमत का शासन नहीं है बल्कि यह संवाद, सहिष्णुता और भिन्न विचारों के प्रति आपसी सम्मान की संस्कृति भी है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सत्ता पक्ष और विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था के समान रूप से महत्वपूर्ण अंग हैं। विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन जनहित हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए।’’
महतो ने सदस्यों से सत्र को अनुशासित, गरिमापूर्ण, परिणाम-उन्मुख और जन-केंद्रित बनाने की अपील की ताकि यहां होने वाली चर्चाएं राज्य के लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के साथ संबंधों को और मजबूत कर सकें।
हाल में जिन नेताओं, कलाकारों, समाजसेवियों, साहित्यकारों और आम नागरिकों का निधन हुआ, उनकी याद में सदन के सदस्यों ने एक मिनट का मौन रखा।
इनमें कांग्रेस के पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक, पूर्व विधायक माधव लाल सिंह, गायिका आशा भोसले, शायर बशीर बद्र, खिलाड़ी जसपाल राणा और संथाली लेखक रविलाल टुडू को श्रद्धांजलि दी गई।
भाषा सुरभि नरेश
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