झारखंड: कांग्रेस ने सभी जिलों में खनिज कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया

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झारखंड: कांग्रेस ने सभी जिलों में खनिज कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 06:43 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 06:43 PM IST

रांची, 27 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की झारखंड इकाई ने एमएमडीआर अधिनियम के खिलाफ राज्य के सभी 24 जिलों में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। इस कानून का उद्देश्य खनिज अधिकारों और खनिज वाली भूमि पर कर लगाने के संबंध में राज्यों के अधिकारों को सीमित करना है।

दिनभर धरना प्रदर्शन आयोजित किए गए और उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया।

रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से विरोध मार्च निकाला।

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी करीब दो किलोमीटर दूर स्थित जिला समाहरणालय पहुंचे, जहां मार्च के बाद धरना दिया गया।

कमलेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी 24 जिलों के समाहरणालयों में प्रदर्शन आयोजित किए गए। यह अधिनियम झारखंड के लोगों के हितों के खिलाफ है। इससे राज्य के खजाने को भारी वित्तीय नुकसान होगा।’’

उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को भी उठाया गया।

कमलेश ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सात सितंबर को रांची स्थित लोक भवन में धरना देंगे और नौ से 16 सितंबर के बीच सभी प्रखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘इन पैसों से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को वित्तीय सहायता मिलती थी। खनिजों पर उपकर हटाए जाने से जनकल्याण की कई योजनाएं प्रभावित होंगी।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि एमएमडीआर अधिनियम से राज्य के खजाने को 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य ने चालू वित्त वर्ष में उपकर से 14,000 करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया था।

संसद ने इस महीने की शुरुआत में एमएमडीआर विधेयक पारित किया था।

भाषा आशीष माधव

माधव