रांची, सात अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही बाधित की और अदालत की निगरानी वाली समिति के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से मामले की जांच कराए जाने की मांग की।
मानसून सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक आसन के समीप आ गए और ‘‘हेमंत सोरेन पद छोड़ो’’ जैसे नारे लगाने लगे।
भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने उनसे अपनी सीट पर लौटने का आग्रह किया।
प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष के बार-बार आग्रह करने के बावजूद विपक्षी विधायक अपनी सीटों पर नहीं लौटे, जिसके बाद महतो ने सदन की कार्यवाही अपराह्न साढ़े 12 बजे तक स्थगित कर दी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी वाली समिति के तहत सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की।
इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ‘‘पहले ही अपनी विश्वसनीयता खो चुका है और केंद्र का औजार बन गया है।’’
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा, ‘‘हम भी छात्रों के मुद्दों को लेकर चिंतित हैं। मामले की जांच अपराध जांच विभाग (सीआईडी) कर रहा है। आप (विपक्ष) सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन केंद्रीय एजेंसी पहले ही अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है और केंद्र के औजार के रूप में काम कर रही है।’’
झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार विपक्ष की चिंताओं से अवगत है और इन मुद्दों का समाधान करना चाहती है।
कुमार ने विपक्षी विधायकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें ‘‘झारखंड लोक सेवा आयोग की पहली और दूसरी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं’’ को भी याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘उस समय भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों को नौकरियां’’ मिली थीं।
भाषा
सिम्मी रंजन
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