K.P. Dhanapalan Passes Away: कांग्रेस के बड़े चेहरे का निधन, अस्पताल में उपचार के दौरान ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर

K.P. Dhanapalan Passes Away: कांग्रेस के बड़े चेहरे का निधन, अस्पताल में उपचार के दौरान ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर

K.P. Dhanapalan Passes Away: कांग्रेस के बड़े चेहरे का निधन, अस्पताल में उपचार के दौरान ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर

K.P. Dhanapalan Passes Away | Photo Credit: AI

Modified Date: May 30, 2026 / 12:50 pm IST
Published Date: May 30, 2026 12:49 pm IST
HIGHLIGHTS
  • के. पी. धनपालन का निधन
  • 76 वर्ष की आयु में परवूर के निजी अस्पताल में निधन
  • ए. के. एंटनी के करीबी, नगरपालिका पार्षद, मिल्मा अध्यक्ष और ग्रामीण बैंक निदेशक रहे

कोच्चि: K.P. Dhanapalan Passes Away कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. पी. धनपालन का (Congress Leader K P Dhanapalan) शनिवार को यहां परवूर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 76 वर्ष के थे। सूत्रों के अनुसार, धनपालन को बेचैनी महसूस होने पर सुबह अस्पताल ले जाया गया लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। एर्नाकुलम जिले के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में शामिल धनपालन 2009 में चालाकुडी लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए थे। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में त्रिशूर से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

K P Dhanapalan Death News अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तर परवूर नगरपालिका के पार्षद, मिल्मा (दुग्ध सहकारी संस्था) के अध्यक्ष तथा स्थानीय ग्रामीण बैंक के निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में भी कार्य किया था। धनपालन को पूर्व रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी का करीबी सहयोगी माना जाता था। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और कांग्रेस तथा सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया।

सतीशन ने कहा, ‘‘के. पी. धनपालन की विनम्रता, शांत स्वभाव और कठिन परिस्थितियों में भी कभी कमजोर न पड़ने वाला संघर्षशील जज्बा उनकी पहचान था। वह एक समर्पित कांग्रेसी थे और ऐसे राजनीतिक व्यक्तित्व थे जिन्होंने कभी एक शब्द से भी पार्टी को आहत नहीं किया।’’ उन्होंने धनपालन को एर्नाकुलम जिले में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक बताया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ता तथा नेता मार्गदर्शन और समाधान के लिए उनसे हमेशा संपर्क कर सकते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धनपालन ने संसदीय राजनीति में अपनी अलग छाप छोड़ी और उनका निधन व्यक्तिगत रूप से भी बड़ी क्षति है। सतीशन ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया है। जीवन के हर कठिन दौर में वह मेरे साथ मजबूत स्तंभ की तरह खड़े रहे।’’

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