अंबुबाची अनुष्ठान के लिए कामाख्या मंदिर के द्वार बंद, कोविड-19 के कारण श्रद्धालुओं का आना प्रतिबंधित

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अंबुबाची अनुष्ठान के लिए कामाख्या मंदिर के द्वार बंद, कोविड-19 के कारण श्रद्धालुओं का आना प्रतिबंधित

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  • Publish Date - June 22, 2021 / 11:37 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:14 PM IST

गुवाहाटी, 22 जून (भाषा) असम स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर में वार्षिक अंबुबाची अनुष्ठान मंगलवार को आरंभ हो गया और पुजारियों ने चार दिन के लिए मंदिर के द्वार प्रतीकात्मक रूप से बंद कर दिए।

मंदिर में हर वर्ष लगने वाले अंबुबाची मेले को लगातार दूसरे साल कोविड-19 महामारी की वजह से रद्द कर दिया गया है और भक्तों को मंदिर के पास कहीं भी इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद, पिछले कुछ दिनों में पड़ोसी राज्यों के कई साधु गुवाहाटी पहुंचे हैं और उनमें से कुछ को शहर में घूमते देखा गया, लेकिन किसी को यहां नीलाचल पहाड़ियों के ऊपर स्थित शक्तिपीठ जाने की अनुमति नहीं दी गई।

मंदिर के मुख्य पुजारी (बोर दोलोई) मोहित चंद्र सरमा ने कहा कि सभी अनुष्ठान और प्रार्थनाएं नियमानुसार की जाएंगी और मंदिर को फिर से खोलने का निर्णय कामरूप महानगर जिला प्रशासन के परामर्श से किया जाएगा।

गौरतलब है कि अंबुबाची मेले में हर साल आमतौर पर करीब 25 लाख श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। यह राज्य के पर्यटन कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण समारोहों में शामिल है। इस दौरान चार दिन के लिए मंदिर के द्वार बंद रहते हैं। मान्यता है कि इन चार दिनों तक देवी कामख्या रजस्वला अवस्था में होती हैं।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा