बेंगलुरु, एक मई (भाषा) कर्नाटक मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जातियों (एससी) के लिए आंतरिक आरक्षण पर अपने पूर्व के फैसलों की पुष्टि की है और भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है।
इन संशोधनों में अधिसूचनाओं को वापस लेना और दोबारा जारी करना तथा 400-सूत्री रोस्टर प्रणाली को अपनाना शामिल है।
कर्नाटक के विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच. के. पाटिल ने बैठक के बाद बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा कि मंत्रिमंडल ने एससी के लिए निर्धारित 15 प्रतिशत आरक्षण के भीतर उप-आरक्षण लागू करने और विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित भर्तियों को तेज करने के अपने संकल्प को दोहराया है।
एच के पाटिल ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने पिछली बैठकों (16 अप्रैल और 24 अप्रैल) में लिये गए फैसलों की पुष्टि की और आरक्षण नीतियों से संबंधित संशोधन किए।’’
उन्होंने बताया कि सरकार अनुसूचित जातियों के लिए 15 प्रतिशत के आरक्षण के भीतर विभिन्न वर्गों के लिए निर्धारित अनुपात में उप-आरक्षण लागू करेगी और उसी के अनुरूप भर्ती अधिसूचनाओं में संशोधन करेगी, साथ ही 400-सूत्री रोस्टर का पालन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भर्ती में एससी के लिए तीन से कम ‘रोस्टर प्वॉइंट’ बनते हैं, तो सभी 101 अनुसूचित समुदायों को ‘‘एससी सामान्य श्रेणी’’ के तहत प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी।
पाटिल ने आगे कहा कि जिन भर्ती अधिसूचनाओं में आंतरिक आरक्षण को शामिल नहीं किया गया है, उन्हें वापस लेकर संशोधित नीति के अनुरूप दोबारा जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यदि उच्चतम न्यायालय एससी/एसटी के लिए 24 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी देता है, तो पहले से रिक्त (बैकलॉग) छह प्रतिशत पदों को भरा जाएगा।’’
उन्होंने यह भी बताया कि 56,432 स्वीकृत पदों को भरने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे।
भाषा सुरेश पवनेश
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